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Chamba News: चोटियां सफेद, मैदानों पर काले बादल, बिना बारिश उम्मीदों पर पानी

Wed, 04 Dec 2024 11:16 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 04 Dec 2024 11:16 AM IST
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The peaks are white, the clouds are dark on the plains, without rain there is water on the hopes.
भरमौर की ऊपरी पहाडि़यों पर हुई हल्की बर्फबारी।संवाद
चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर ऊपरी चोटियों में मंगलवार को चोटियों में 7.62 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। जबकि, मैदानी क्षेत्रों में आधा दिन तक आसमान में काले बादल ही छाए रहे। आसमान में बादल छाए होने की सूरत में लोग बारिश होने का अनुमान ही लगाते रहे। लेकिन, दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और खिली धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। वहीं, किसानों-बागवानों को निराशा ही हाथ लगी। जिले में तीन माह से बारिश न होने से किसानों-बागवानों की चिंताओं में इजाफा हुआ है।
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उपमंडल भरमौर के ऊपरी पहाड़ियों पर मंगलवार को हल्का हिमपात हुआ। जिससे निचले क्षेत्रों में ठंडी हवाओं से ठंड में इजाफा हो गया है। अधिकतर लोग ठंड से बचने के लिए अपने अपने घरों में ही दुबक कर बैठे रहे। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के कारण ऊपरी चोटियों मणिमहेश कैलाश, कुगति, चौविया, खपरांस, बड़ग्रां की ऊंची चोटियों पर 7.62 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है।
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फसलों को नहीं मिली संजीवनी
लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं समेत अन्य सब्जियों की बिजाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा जिन किसानों ने बारिश न होने पर भी बिजाई की है, उनकी फसलें सूख चुकी हैं।
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पांगी में बढ़ी ठंड, बीमारियों ने जकड़ा
जनजातीय क्षेत्र पांगी की ऊपरी चोटियों में बर्फबारी के बाद निचले क्षेत्रों में कंपकंपी बढ़ गई है। कंपकंपी से बचने के लिए लोग आग जलाकर सेंकते या चाय की चुस्की लेते मंगलवार को नजर आए। धूल-मिट्टी और बढ़ी ठंड के चलते लोग सर्दी-जुकाम-बुखार की चपेट में आकर उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं।
खेतों से गायब है नमी
इन दिनों जिला में गेहूं के साथ मटर और आलू समेत अन्य सब्जियों की बिजाई का समय हैं, लेकिन जमीन में नहीं होने के कारण खेत की खोदाई नहीं हो पा रही है। जिन जगहों पर पानी की कमी हैं। वहां पर किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हुई है। किसानों और बागवानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती हैं तो फिर किसानों बागवानों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएगी। बागवानों का कहना है कि पौधे सूखे का शिकार हो रहे हैं। बगीचों में कई रोग देखने को मिल रहे हैं।

जंगलों में भड़क रही आग
सूखे के कारण जहां कई किसानों और बागवानों की समस्याएं बढ़ गई हैं तो वहीं कई जगहों पर जंगलों की आग की घटनाएं देखी गईं हैं। सूखे में जंगलों और घासनियों में आग के भड़कने की संभावनाएं बढ़ गई है।
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