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चुराहवाद का मुद्दा खत्म, इस बार कड़ा होगा मुकाबला
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चंबा। विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस चुराह की सीट पर जीत को आसान मान कर चल रही थी अब वहां कांग्रेस की तरफ से चुराह से ही प्रत्याशी आने से मुकाबला कांटे का हो गया है। चुराह के लोगों की हमेशा से यही शिकायत रही है कि राजनीतिक पार्टियां हमेशा चुराह के बाहर का प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारती हैं। इसलिए पिछले कई साल से चुराह से प्रत्याशी देने की मांग की जा रही थी।
भाजपा ने हंसराज को चुराह से दो बार अपना प्रत्याशी बनाया जिसके बाद जनता ने उन्हें दो बार (वर्ष 2012 और 2017) चुनाव में विजयी भी बनाया। इस बार कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी में बदलाव करते हुए चुराह से ही प्रत्याशी खड़ा किया है। इसके चलते चुराहवाद का मुद्दा अब पूर्ण रूप से खत्म हो चुका है। इससे चुराह में अब भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर हो गई है।
भाजपा पहले चुराहवाद के नाम पर अपनी राजनीति करती थी लेकिन अब उनका यह मुद्दा कांग्रेस ने खत्म कर दिया है। इसलिए इस बार स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनाव होगा। ऐसे में चुराह में होने वाली चुनावी रैलियों में जहां भाजपा काफी भीड़ जुटा रही है तो वहीं कांग्रेस की रैलियों में भी खूब भीड़ देखी जा रही है। अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि चुराह से भाजपा विजयी होगी या कांग्रेस। लोग भी खुलकर प्रत्याशियों को लेकर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी जहां चुराह में विकास की बातें लोगों को बीच रख रहे हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी प्रदेश सरकार की नाकामियों को गिना रहे रहे हैं।
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भाजपा ने हंसराज को चुराह से दो बार अपना प्रत्याशी बनाया जिसके बाद जनता ने उन्हें दो बार (वर्ष 2012 और 2017) चुनाव में विजयी भी बनाया। इस बार कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी में बदलाव करते हुए चुराह से ही प्रत्याशी खड़ा किया है। इसके चलते चुराहवाद का मुद्दा अब पूर्ण रूप से खत्म हो चुका है। इससे चुराह में अब भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर हो गई है।
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भाजपा पहले चुराहवाद के नाम पर अपनी राजनीति करती थी लेकिन अब उनका यह मुद्दा कांग्रेस ने खत्म कर दिया है। इसलिए इस बार स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनाव होगा। ऐसे में चुराह में होने वाली चुनावी रैलियों में जहां भाजपा काफी भीड़ जुटा रही है तो वहीं कांग्रेस की रैलियों में भी खूब भीड़ देखी जा रही है। अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि चुराह से भाजपा विजयी होगी या कांग्रेस। लोग भी खुलकर प्रत्याशियों को लेकर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी जहां चुराह में विकास की बातें लोगों को बीच रख रहे हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी प्रदेश सरकार की नाकामियों को गिना रहे रहे हैं।
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