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Chamba News: हॉस्टल नहीं, घर में लौटेंगे मासूम... मां की हामी ने रोक दी राहत

Sat, 07 Mar 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 07 Mar 2026 10:36 PM IST
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The innocent will return home, not to the hostel... Mother's consent stopped the relief.
मां के घर लौटने की बात से पूरी नहीं हो पाई प्रक्रिया, प्रशासन दोनों को भेज रहा था हॉस्टल
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सरकारी योजनाओं के लाभ से हो सकते हैं वंचित, बच्चों के पिता का हो चुका है देहांत
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। ग्राम पंचायत गंध्वार के हलैला गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग दादी के साथ रह रहे दो मासूम बच्चों को मिलने वाली सरकारी सहायता के बीच अब मां के बयान से सब कुछ धरा का धरा रहता नजर आ रहा है।
अब महिला ने बच्चों को हॉस्टल में न भेजने की बात कहते हुए स्वयं वापस घर लौटने की हामी भरी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं के मिलने वाले लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है।
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ग्राम पंचायत गंध्वार के हलैला गांव में दो मासूम बच्चों की ऐसी स्थिति सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बताया जा रहा है कि इन बच्चों के पिता का देहांत हो चुका है। मां उन्हें छोड़कर चली गई थी। दोनों बच्चे लगभग 70 वर्षीय दादी के साथ जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं। दादी की सेहत भी ठीक नहीं है। फिर भी वही बच्चों की देखभाल कर रही हैं। घर की हालत बेहद खराब है। मकान जर्जर स्थिति में है। कमाने वाला कोई नहीं है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और इन बच्चों को सरकारी सुविधा दिलाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन ने बच्चों को हॉस्टल भेजने और कुछ सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की। जरूरी कागजात भी तैयार किए जा रहे थे लेकिन अंतिम स्वीकृति के लिए मां की सहमति जरूरी थी। बताया जा रहा है कि जब मां से पूछा गया कि क्या वह बच्चों की जिम्मेदारी उठा सकती हैं या उन्हें सरकारी सहायता के तहत हॉस्टल भेजा जाए तो मां ने बच्चों को हॉस्टल भेजने से मना कर दिया। स्वयं वापस आकर बच्चों को पालने की बात कही।
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बच्चों की बुजुर्ग दादी हल्ली देवी ने बताया कि उनकी बहू बेटे की मौत के बाद कई शादियां कर चुकी है। पंचायत रिकॉर्ड में उसका जिक्र है। उन्होंने कहा कि वह बच्चों का भविष्य खराब करने पर तुली हैं।

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सीडब्लयूसी कमेटी सदस्य गौतम शर्मा ने बताया कि सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों को सुविधा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कागजात तैयार कर लिए गए थे। अंतिम चरण में माता की स्वीकृति और बयान दर्ज किया जाना था। इस दौरान बच्चों की मां ने बयान दिया कि वह बच्चों को हॉस्टल नहीं भेजेगी और स्वयं ही उनका पालन-पोषण करेगी।
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