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Chamba News: अंदरौल खुले...अब 48 दिन तक मां भगवती के दर्शन कर पाएंगे श्रद्धालु
Wed, 08 Jul 2026 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:02 PM IST
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पूजा-अर्चन के साथ शुरू हुई वार्षिक यात्रा, 18 अगस्त को बंद होंगे अंदरौल
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र स्थित मां भगवती खुंडी मराली के पवित्र अंदरौल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी जुलाई की शुरुआत में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अंदरौल खोले गए। इसके साथ वार्षिक यात्रा शुरू हो गई। इस वर्ष श्रद्धालु 48 दिन तक मां भगवती के दर्शन कर सकेंगे।
18 अगस्त 2026 को भाद्रपद माह के ज्येष्ठ मंगलवार से मां भगवती खुंडी मराली की पर्वी (खुंडी मराली डल झील यात्रा) के बाद अंदरौल बंद कर दिए जाएंगे। अंदरौल खुलने के बाद श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपने साथ भोजन, रात्रि विश्राम सहित अन्य आवश्यक सामग्री ले जाने का आग्रह किया गया है। साथ ही यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाने का आग्रह किया है। मां भगवती की पवित्र छड़ी लेकर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से पर्वी से पहले यात्रा न करने तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं से यह भी अपील की गई है कि मां भगवती खुंडी मराली की पवित्र डल झील में स्नान या डुबकी न लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार झील का जल चरणामृत के रूप में ग्रहण किया जाता है। श्रद्धालु इसे अपने घर भी ले जाते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र जल के सेवन से दुख और कष्ट दूर होते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र स्थित मां भगवती खुंडी मराली के पवित्र अंदरौल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी जुलाई की शुरुआत में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अंदरौल खोले गए। इसके साथ वार्षिक यात्रा शुरू हो गई। इस वर्ष श्रद्धालु 48 दिन तक मां भगवती के दर्शन कर सकेंगे।
18 अगस्त 2026 को भाद्रपद माह के ज्येष्ठ मंगलवार से मां भगवती खुंडी मराली की पर्वी (खुंडी मराली डल झील यात्रा) के बाद अंदरौल बंद कर दिए जाएंगे। अंदरौल खुलने के बाद श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपने साथ भोजन, रात्रि विश्राम सहित अन्य आवश्यक सामग्री ले जाने का आग्रह किया गया है। साथ ही यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाने का आग्रह किया है। मां भगवती की पवित्र छड़ी लेकर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से पर्वी से पहले यात्रा न करने तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं से यह भी अपील की गई है कि मां भगवती खुंडी मराली की पवित्र डल झील में स्नान या डुबकी न लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार झील का जल चरणामृत के रूप में ग्रहण किया जाता है। श्रद्धालु इसे अपने घर भी ले जाते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र जल के सेवन से दुख और कष्ट दूर होते हैं।
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