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एमबीबीएस का चौथा सत्र शुरू, दूर नहीं हुई डॉक्टरों की कमी
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मेडिकल कॉलेज चंबा में पर्ची बनवाने के िलए लगीं लोगो की लंबी कतारें।
- फोटो : Chamba
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में एमबीबीएस का चौथा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन, सरकार मेडिकल कॉलेज में रिक्त सौ चिकित्सकों के पद अभी तक नहीं भर पाई है। अगले वर्ष चंबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का पांचवां सत्र शुरू हो जाएगा। चौथे सत्र में जितने चिकित्सक होने चाहिए, उतनी संख्या में चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में सेवाएं देने वाले (क्लीनिकल) और प्रशिक्षुओं को पढ़ाने वाले (नॉन क्लीनिकल) 211 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन मौजूदा समय में 98 चिकित्सक ही ओपीडी और प्रशिक्षुओं को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या न के बराबर है। मरीजों को ओपीडी में समय पर डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। ओपीडी में जाने से पहले चिकित्सकों को वार्डों का राउंड भी करना पड़ता है। कई बार इमरजेंसी केस आने पर चिकित्सक पूरा दिन ओपीडी में नहीं पहुंच पाते। ऐसी परिस्थिति में मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
चंबा मेडिकल कॉलेज के मेडिसन, गायनी, नेत्र, सर्जरी, ऑर्थो, शिशु रोग सहित अन्य क्लीनिकल विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही है। इस कमी को दूर करने में सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। हैरानी इस बात की है कि पक्ष और विपक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर मौन धारण किए बैठे हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज में उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को मेडिकल कॉलेज की स्थिति से अवगत करवाने के लिए प्रबंधन कई बार चिकित्सकों की कमी के बारे में अवगत करवा चुका है लेकिन, सरकार मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के रिक्त पद भरने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
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कार्यकारी प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की भारी कमी चल रही है। ओपीडी में चिकित्सकों की बहुत ज्यादा कमी है। चिकित्सकों की कमी पूरी करने के लिए सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।
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मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में सेवाएं देने वाले (क्लीनिकल) और प्रशिक्षुओं को पढ़ाने वाले (नॉन क्लीनिकल) 211 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन मौजूदा समय में 98 चिकित्सक ही ओपीडी और प्रशिक्षुओं को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या न के बराबर है। मरीजों को ओपीडी में समय पर डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। ओपीडी में जाने से पहले चिकित्सकों को वार्डों का राउंड भी करना पड़ता है। कई बार इमरजेंसी केस आने पर चिकित्सक पूरा दिन ओपीडी में नहीं पहुंच पाते। ऐसी परिस्थिति में मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
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चंबा मेडिकल कॉलेज के मेडिसन, गायनी, नेत्र, सर्जरी, ऑर्थो, शिशु रोग सहित अन्य क्लीनिकल विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही है। इस कमी को दूर करने में सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। हैरानी इस बात की है कि पक्ष और विपक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर मौन धारण किए बैठे हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज में उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को मेडिकल कॉलेज की स्थिति से अवगत करवाने के लिए प्रबंधन कई बार चिकित्सकों की कमी के बारे में अवगत करवा चुका है लेकिन, सरकार मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के रिक्त पद भरने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
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कार्यकारी प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की भारी कमी चल रही है। ओपीडी में चिकित्सकों की बहुत ज्यादा कमी है। चिकित्सकों की कमी पूरी करने के लिए सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।