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तीस नवंबर को बंद होंगे कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट
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कार्तिक स्वामी मंदिर।
- फोटो : Chamba
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भरमौर(चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट तीस नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे। हर साल कार्तिक प्रविष्टे 15 तदानुसार 30 नवंबर को दोपहर पूर्व 12 बजे पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है।
उत्तर भारत में एक मात्र भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र स्वामी कार्तिकेय का मन्दिर कुगती तहसील भरमौर जिला चंबा में है। कार्तिक स्वामी के श्रद्धालु अलग-अलग राज्यों से यहां हर साल हजारों की संख्या में आकर मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। लोगों में कार्तिक स्वामी के प्रति बड़ी आस्था है। हर वर्ष भारी संख्या में दर्शन करने के लिए आते है।
गौरतलत है कि परंपरा के अनुसार हर साल मंदिर के कपाट कार्तिक प्रविष्टे 15 तदानुसार 30 नवंबर को दोपहर 12 बजे पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के कपाट लगभग साढ़े पांच महीने बन्द रहते हैं। 14 अप्रैल बैसाख मास की संक्रांति वाले दिन पुन: श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं।
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कार्तिक स्वामी प्रबंधन समिति ने समस्त श्रद्दालुओं से आग्रह किया है कि कपाट बंद होने के बाद मंदिर में दर्शन के लिए ना आएं। मंदिर के पुजारी पंडित मचलू राम शर्मा ने बताया कि हर साल मंदिर के कपाट करीब साढ़े पांच माह तक बंद रहते है। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में मंदिर के कपाट खुलेंगे।
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उत्तर भारत में एक मात्र भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र स्वामी कार्तिकेय का मन्दिर कुगती तहसील भरमौर जिला चंबा में है। कार्तिक स्वामी के श्रद्धालु अलग-अलग राज्यों से यहां हर साल हजारों की संख्या में आकर मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। लोगों में कार्तिक स्वामी के प्रति बड़ी आस्था है। हर वर्ष भारी संख्या में दर्शन करने के लिए आते है।
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गौरतलत है कि परंपरा के अनुसार हर साल मंदिर के कपाट कार्तिक प्रविष्टे 15 तदानुसार 30 नवंबर को दोपहर 12 बजे पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के कपाट लगभग साढ़े पांच महीने बन्द रहते हैं। 14 अप्रैल बैसाख मास की संक्रांति वाले दिन पुन: श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं।
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कार्तिक स्वामी प्रबंधन समिति ने समस्त श्रद्दालुओं से आग्रह किया है कि कपाट बंद होने के बाद मंदिर में दर्शन के लिए ना आएं। मंदिर के पुजारी पंडित मचलू राम शर्मा ने बताया कि हर साल मंदिर के कपाट करीब साढ़े पांच माह तक बंद रहते है। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में मंदिर के कपाट खुलेंगे।