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Chamba News: खज्जियार झील के जर्जर रास्ते की मरम्मत नहीं करवा पाया विभाग
Sat, 16 May 2026 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 16 May 2026 10:59 PM IST
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खज्जियार में झील मैदान को जाने वाले लकड़ी के रास्ते की दयनीय हालत को ब्यां करती तस्वीर। संवाद।
आठ माह पहले खस्ताहाल हो गया था रास्ता, पर्यटक भी हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
खज्जियार (चंबा)। भले ही पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है लेकिन विश्व भर में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में पर्यटकों को निराश होना पड़ रहा है। झील के भीतर जाने वाला लकड़ी का रास्ता जर्जर हो चुका है।
वन्य प्राणी विभाग ने उसकी मरम्मत करवाने के बजाय वहां एक बोर्ड लगा रखा है। इसमें लिखा है कि यह रास्ता खराब है। और इसके ऊपर से न जाएं। वहीं, झील के साथ सेल्फी और मछलियों का दाना खिलाने की चाह पर्यटक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। आठ माह पहले यह रास्ता जर्जर हुआ था लेकिन जिसे अभी तक ठीक नहीं करवाया है। इसका असर कहीं न कहीं पर्यटन कारोबार भी देखने को मिल सकता है। ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि वन्य प्राणी विभाग के पास इस जर्जर लकड़ी के रास्ते को दुरुस्त करवाने के लिए बजट की कमी है। कुछ माह पहले ही करोड़ों रुपये के दो बेरियर विभाग ने नीलाम किए हैं। इसका सारा पैसा ईको टूरिज्म सोसायटी के पास जमा है। उस पैसे से आसानी से इसकी मरम्मत की जा सकती है। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार, सन्नी, सोनू, अजय कुमार, विक्की, विशाल, दीपू और नीरज ने जिला प्रशासन और वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि जल्द झील के लिए जाने वाले रास्ते की मरम्मत करवाई जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खज्जियार (चंबा)। भले ही पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है लेकिन विश्व भर में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में पर्यटकों को निराश होना पड़ रहा है। झील के भीतर जाने वाला लकड़ी का रास्ता जर्जर हो चुका है।
वन्य प्राणी विभाग ने उसकी मरम्मत करवाने के बजाय वहां एक बोर्ड लगा रखा है। इसमें लिखा है कि यह रास्ता खराब है। और इसके ऊपर से न जाएं। वहीं, झील के साथ सेल्फी और मछलियों का दाना खिलाने की चाह पर्यटक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। आठ माह पहले यह रास्ता जर्जर हुआ था लेकिन जिसे अभी तक ठीक नहीं करवाया है। इसका असर कहीं न कहीं पर्यटन कारोबार भी देखने को मिल सकता है। ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि वन्य प्राणी विभाग के पास इस जर्जर लकड़ी के रास्ते को दुरुस्त करवाने के लिए बजट की कमी है। कुछ माह पहले ही करोड़ों रुपये के दो बेरियर विभाग ने नीलाम किए हैं। इसका सारा पैसा ईको टूरिज्म सोसायटी के पास जमा है। उस पैसे से आसानी से इसकी मरम्मत की जा सकती है। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार, सन्नी, सोनू, अजय कुमार, विक्की, विशाल, दीपू और नीरज ने जिला प्रशासन और वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि जल्द झील के लिए जाने वाले रास्ते की मरम्मत करवाई जाए।
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