{"_id":"6839a0cd35ee52c92b06e508","slug":"the-bus-was-not-sent-on-the-route-people-kept-waiting-for-hours-chamba-news-c-88-1-cmb1002-151730-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: रूट पर नहीं भेजी बस, घंटों इंतजार करते रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: रूट पर नहीं भेजी बस, घंटों इंतजार करते रहे लोग
विज्ञापन
चंबा बस स्टैंड में बस के चलने का इंतजार करते यात्री
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। चंबा-बोगा बाड़का रूट पर चलने वाली बस शुक्रवार को नहीं भेजी गई। इस वजह से यात्रियों को साढ़े तीन घंटे तक चंबा बस स्टैंड में इंतजार करना पड़ा। यह बस हर रोजाना दोपहर 3:25 बजे चंबा से रवाना होती है। लेकिन, इस बार यात्रियों को सूचना दी गई कि बसें कम होने के कारण इस रूट पर आज बस नहीं भेजी जाएगी। अड्डा इंचार्ज ने अगली बस का इंतजार करने को कहा। बस के इंतजार में विद्यार्थी, नौकरीपेशा कर्मचारी और अन्य आम यात्री परेशान दिखे। कुछ लोग टैक्सी करके घर के लिए रवाना हुए, जबकि कुछ ने मजबूरी में शाम 5:45 बजे चलने वाली दूसरी बस में सफर किया। इसके चलते वे अपने घर काफी देरी से पहुंचे। यात्रियों का कहना है कि दो दिन पहले भी इस रूट पर बस नहीं भेजी गई थी जिससे यात्री काफी परेशान रहे।
यात्रियों विक्की कुमार, महिंद्र कुमार, मनु कुमार, रिंकू कुमार, मनीष कुमार, हितेश कुमार आदि ने कहा कि इस रूट पर सरकारी बस लंबे समय से चलती है। बस में स्कूली विद्यार्थी भी सफर करते हैं। परिवहन निगम ने इस रूट को बंद करने की बात कही है। अगर इस रूट को बंद कर दिया जाता है तो वह आरएम कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन करेंगे। यात्रियों ने एचआरटीसी प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पहले से जानकारी दी जाती तो वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकते थे। इस तरह अचानक रूट बंद करना जनता के साथ अन्याय है। यात्रियों को 700 रुपये खर्च कर टैक्सी के जरिये घर पहुंचना पड़ा।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह का कहना है कि बसों की कमी के कारण इस रूट पर बस नहीं भेजी गई। इस रूट पर शाम छह बजे भी बस जाती है। जब तक नई बसों की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक यात्री इसी बस में सफर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्रियों विक्की कुमार, महिंद्र कुमार, मनु कुमार, रिंकू कुमार, मनीष कुमार, हितेश कुमार आदि ने कहा कि इस रूट पर सरकारी बस लंबे समय से चलती है। बस में स्कूली विद्यार्थी भी सफर करते हैं। परिवहन निगम ने इस रूट को बंद करने की बात कही है। अगर इस रूट को बंद कर दिया जाता है तो वह आरएम कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन करेंगे। यात्रियों ने एचआरटीसी प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पहले से जानकारी दी जाती तो वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकते थे। इस तरह अचानक रूट बंद करना जनता के साथ अन्याय है। यात्रियों को 700 रुपये खर्च कर टैक्सी के जरिये घर पहुंचना पड़ा।
विज्ञापन
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह का कहना है कि बसों की कमी के कारण इस रूट पर बस नहीं भेजी गई। इस रूट पर शाम छह बजे भी बस जाती है। जब तक नई बसों की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक यात्री इसी बस में सफर करें।
विज्ञापन