{"_id":"699f29f70a81b76c380e1744","slug":"the-aspirational-district-will-no-longer-lag-behind-in-institutional-delivery-chamba-news-c-88-1-ssml1006-175703-2026-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: संस्थागत प्रसव में फिसड्डी नहीं रहेगा अब आकांक्षी जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: संस्थागत प्रसव में फिसड्डी नहीं रहेगा अब आकांक्षी जिला
Wed, 25 Feb 2026 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:27 PM IST
विज्ञापन
दर बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बढ़ाई प्रसव केंद्रों की संख्या
अब होली, सलूणी, किहार, समोट, भरमौर और साहो में होंगे सुरक्षित प्रसव
एनएचएम के तहत जिले के इन छह संस्थानों में 17 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति
प्रवीण कुमार
चंबा। प्रदेश भर में संस्थागत प्रसव करवाने में लगातार चार साल में सबसे फिसड्डी रहने वाले आकांक्षी जिले में अब यह दर बढ़ सकती है।
एनएचएम के तहत जिले के छह स्वास्थ्य संस्थानों में 17 स्टाफ नर्सों की तैनाती के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इन संस्थानों में अब गर्भवतियों के प्रसव शुरू हो जाएंगे। इससे आने वाले समय में जिले की संस्थागत प्रसव दर प्रदेश में बहतर होती नजर आएगी। मौजूदा समय में प्रदेश के अन्य जिले 90 फीसदी का आंकड़ा पार चुके हैं लेकिन आकांक्षी जिले संस्थागत प्रसव करवाने की प्रतिशता दर में अभी 70 फीसदी के उपर नहीं चढ़ पाया है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संस्थागत प्रसव दी बढ़ाने के लिए प्रसव केंद्र बढ़ाने की योजना बनाई है। नागरिक अस्पताल किहार, सलूणी, भरमौर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली, समोट और साहो में अब गर्भवतियों को प्रसव की सुविधा मिलेगी। स्टाफ नर्सें गर्भवतियों के सुरक्षित प्रसव करवाएंगी। ऐसे में कम चल रही दर आगामी महीनों में तेजी के साथ बढ़ जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जब गर्भवतियों के प्रसव नहीं होते तो लोग घरेलू प्रसव करवाने के लिए दाईयों के पास चले जाते हैं। यही वजह है कि घरेलू प्रसव करवाने में आकांक्षी जिला प्रदेश में सबसे टॉप पर है लेकिन अब जिले के छह नए प्रसव केंद्रों में गर्भवतियों को प्रसव करवाने की सुविधा मिलेगी।
--
13 स्टाफ नर्सों ने किया ज्वाइन
17 स्टाफ नर्सों में से 13 ने ज्वाइन कर लिया है जबकि चार अन्य स्टाफ नर्सें भी शीघ्र ही ज्वाइन कर सकती हैं। संस्थागत प्रसव करवाने में इन नर्सों का सबसे अहम योगदान रहता है।
विज्ञापन
--
संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने के लिए छह स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है। इन संस्थानों में गर्भवतियों के नियमित प्रसव किए जाएंगे। आने वाले समय में जिला संस्थागत प्रसव की दर में प्रदेश में टॉप करेगा। - डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
--
विज्ञापन
अब होली, सलूणी, किहार, समोट, भरमौर और साहो में होंगे सुरक्षित प्रसव
एनएचएम के तहत जिले के इन छह संस्थानों में 17 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति
प्रवीण कुमार
चंबा। प्रदेश भर में संस्थागत प्रसव करवाने में लगातार चार साल में सबसे फिसड्डी रहने वाले आकांक्षी जिले में अब यह दर बढ़ सकती है।
एनएचएम के तहत जिले के छह स्वास्थ्य संस्थानों में 17 स्टाफ नर्सों की तैनाती के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इन संस्थानों में अब गर्भवतियों के प्रसव शुरू हो जाएंगे। इससे आने वाले समय में जिले की संस्थागत प्रसव दर प्रदेश में बहतर होती नजर आएगी। मौजूदा समय में प्रदेश के अन्य जिले 90 फीसदी का आंकड़ा पार चुके हैं लेकिन आकांक्षी जिले संस्थागत प्रसव करवाने की प्रतिशता दर में अभी 70 फीसदी के उपर नहीं चढ़ पाया है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संस्थागत प्रसव दी बढ़ाने के लिए प्रसव केंद्र बढ़ाने की योजना बनाई है। नागरिक अस्पताल किहार, सलूणी, भरमौर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली, समोट और साहो में अब गर्भवतियों को प्रसव की सुविधा मिलेगी। स्टाफ नर्सें गर्भवतियों के सुरक्षित प्रसव करवाएंगी। ऐसे में कम चल रही दर आगामी महीनों में तेजी के साथ बढ़ जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जब गर्भवतियों के प्रसव नहीं होते तो लोग घरेलू प्रसव करवाने के लिए दाईयों के पास चले जाते हैं। यही वजह है कि घरेलू प्रसव करवाने में आकांक्षी जिला प्रदेश में सबसे टॉप पर है लेकिन अब जिले के छह नए प्रसव केंद्रों में गर्भवतियों को प्रसव करवाने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
13 स्टाफ नर्सों ने किया ज्वाइन
17 स्टाफ नर्सों में से 13 ने ज्वाइन कर लिया है जबकि चार अन्य स्टाफ नर्सें भी शीघ्र ही ज्वाइन कर सकती हैं। संस्थागत प्रसव करवाने में इन नर्सों का सबसे अहम योगदान रहता है।
विज्ञापन
संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने के लिए छह स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है। इन संस्थानों में गर्भवतियों के नियमित प्रसव किए जाएंगे। आने वाले समय में जिला संस्थागत प्रसव की दर में प्रदेश में टॉप करेगा। - डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी