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टीजीटी शिक्षकों को उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन लाया जाएं: संजय ठाकुर
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बनीखेत (चंबा)। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ जिला चंबा इकाई ने टीजीटी के काडर को उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों की भारी संख्या होने की वजह से टीजीटी को उच्च शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत लिया जाना बेहद जरूरी हो चुका है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ (एचजीटीयू) के जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर, महासचिव योग राज राणा, वित्त सचिव धीरेंद्र शर्मा और सभी खंडों के प्रधान और महासचिव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि मौजूदा समय में जेबीटी, सीएंडवी और टीजीटी शिक्षकों को एलीमेंट्री विभाग में रखा गया है जबकि, स्कूल लेक्चरर उच्च शिक्षा निदेशक के अधीन आते हैं।
उन्होंने कहा कि संख्या और कार्य के हिसाब से शिक्षकों का वर्गीकरण गलत तरीके से हुआ है, जिसे दुरुस्त किया जाना जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी मेडिकल के पदों का सृजन उच्च निदेशालय करता है। जबकि, उनका कंट्रोल प्रारंभिक निदेशालय के पास चला जाता है। शिक्षकों की संख्या को सुचारु तरीके से दोनों निदेशालयों में बराबर बांट कर एलीमेंट्री विंग में कार्य के भार को कम किया जाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि टीजीटी वर्ग के वित्तीय, प्रशासनिक और प्रमोशन से जुड़े मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल करने का एकमात्र हल यही है कि टीजीटी वर्ग को सरकार अविलंब उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन लाने की अधिसूचना जारी कर शिक्षकों को राहत प्रदान करे।
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ (एचजीटीयू) के जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर, महासचिव योग राज राणा, वित्त सचिव धीरेंद्र शर्मा और सभी खंडों के प्रधान और महासचिव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि मौजूदा समय में जेबीटी, सीएंडवी और टीजीटी शिक्षकों को एलीमेंट्री विभाग में रखा गया है जबकि, स्कूल लेक्चरर उच्च शिक्षा निदेशक के अधीन आते हैं।
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उन्होंने कहा कि संख्या और कार्य के हिसाब से शिक्षकों का वर्गीकरण गलत तरीके से हुआ है, जिसे दुरुस्त किया जाना जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी मेडिकल के पदों का सृजन उच्च निदेशालय करता है। जबकि, उनका कंट्रोल प्रारंभिक निदेशालय के पास चला जाता है। शिक्षकों की संख्या को सुचारु तरीके से दोनों निदेशालयों में बराबर बांट कर एलीमेंट्री विंग में कार्य के भार को कम किया जाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि टीजीटी वर्ग के वित्तीय, प्रशासनिक और प्रमोशन से जुड़े मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल करने का एकमात्र हल यही है कि टीजीटी वर्ग को सरकार अविलंब उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन लाने की अधिसूचना जारी कर शिक्षकों को राहत प्रदान करे।
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