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Chamba News: जंगल में अवैध कटान मामलों में हॉट स्पॉट बनी तीसा रेंज
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जंगल में अवैध कटान मामलों में हॉट स्पॉट बनी तीसा रेंज
मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी अभी तक नहीं हो पाई ठोस कार्रवाई
गूंगया और चचूल जंगल में अब तक 100 से अधिक देवदार के पेड़ों का हुआ है कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जंगल में अवैध कटान मामले में चुराह वन मंडल की तीसा रेंज हॉट स्पॉट बनती जा रही है। यहां जंगलों में धड़ल्ले से अवैध कटान किया जा रहा है। चुराह वन मंडल की तीसा रेंज में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन मंडल अधिकारी की मिलीभगत पाई गई है।
पहला मामला सोसायटी के प्रधान के हस्ताक्षर बदलकर 14 लाख की गड़बड़ी करने का है। दो जंगलों में अवैध कटान पाया गया। हैरानी इस बात की है कि सरकार और विभाग अभी तक उन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।
तीसा रेंज में हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट ईको सिस्टम क्लाईमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट के तहत गठित सोसायटी के प्रधान के जाली हस्ताक्षर करवाकर संबंधित वन खंड अधिकारी ने 14 लाख की गड़बड़ी की। वन रक्षक पर भी इसमें शामिल होने का आरोप है। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने भी मामले में उनका सहयोग दिया। चचूल और गूंगयास जंगलों में 100 से अधिक देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई। जंगल में कटे हुए पेड़ों की ठूंठों को विभाग के कर्मचारियों ने या तो जमीन में दबाने का प्रयास किया या आग लगाकर सुबूत मिटाने की कोशिश की। जो ठूंठ मौके पर मिले, उनके लॉट के नंबर लगे थे। जंगल में लॉट का कोई कार्य नहीं चल रहा था। हैरानी की बात है कि तीनों मामलों में वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन खंड अधिकारी एक ही रेंज से संबंधित हैं। इनके खिलाफ अभी तक सरकार और विभाग ने ठोस कार्रवाई नहीं की है।
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मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि चुराह में अवैध कटान के जो भी मामले सामने आए हैं, उसमें विभाग की जांच चल रही है। जहां जिसकी गलती पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चचूल में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसका चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी अभी तक नहीं हो पाई ठोस कार्रवाई
गूंगया और चचूल जंगल में अब तक 100 से अधिक देवदार के पेड़ों का हुआ है कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जंगल में अवैध कटान मामले में चुराह वन मंडल की तीसा रेंज हॉट स्पॉट बनती जा रही है। यहां जंगलों में धड़ल्ले से अवैध कटान किया जा रहा है। चुराह वन मंडल की तीसा रेंज में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन मंडल अधिकारी की मिलीभगत पाई गई है।
पहला मामला सोसायटी के प्रधान के हस्ताक्षर बदलकर 14 लाख की गड़बड़ी करने का है। दो जंगलों में अवैध कटान पाया गया। हैरानी इस बात की है कि सरकार और विभाग अभी तक उन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।
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तीसा रेंज में हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट ईको सिस्टम क्लाईमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट के तहत गठित सोसायटी के प्रधान के जाली हस्ताक्षर करवाकर संबंधित वन खंड अधिकारी ने 14 लाख की गड़बड़ी की। वन रक्षक पर भी इसमें शामिल होने का आरोप है। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने भी मामले में उनका सहयोग दिया। चचूल और गूंगयास जंगलों में 100 से अधिक देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई। जंगल में कटे हुए पेड़ों की ठूंठों को विभाग के कर्मचारियों ने या तो जमीन में दबाने का प्रयास किया या आग लगाकर सुबूत मिटाने की कोशिश की। जो ठूंठ मौके पर मिले, उनके लॉट के नंबर लगे थे। जंगल में लॉट का कोई कार्य नहीं चल रहा था। हैरानी की बात है कि तीनों मामलों में वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन खंड अधिकारी एक ही रेंज से संबंधित हैं। इनके खिलाफ अभी तक सरकार और विभाग ने ठोस कार्रवाई नहीं की है।
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मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि चुराह में अवैध कटान के जो भी मामले सामने आए हैं, उसमें विभाग की जांच चल रही है। जहां जिसकी गलती पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चचूल में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसका चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।