{"_id":"669bed5cd350bdf997016ff3","slug":"technical-assistants-appointed-after-2008-are-not-getting-financial-benefits-mayank-chamba-news-c-88-1-cmb1003-129393-2024-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"2008 के बाद नियुक्त तकनीकी सहायकों को नहीं मिल रहे हैं वित्तीय लाभ : मयंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2008 के बाद नियुक्त तकनीकी सहायकों को नहीं मिल रहे हैं वित्तीय लाभ : मयंक
Sat, 20 Jul 2024 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 20 Jul 2024 10:31 PM IST
विज्ञापन
चंबा जिला परिषद काडर के तकनीकी सहायक अपनी मांगों को लेकर विस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मि
चंबा। जिला चंबा में सात जून 2008 के बाद नियुक्त 29 तकनीकी सहायकों को जिला परिषद के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभों से वंचित रखा जा रहा है। इससे तकनीकी सहायकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात है कि सात जून 2008 से पूर्व नियुक्त तकनीकी सहायकों को जिला परिषद के तहत समस्त वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं। बाद में नियुक्त सहायकों को यह सौगात नहीं दी जा रही है। जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ के प्रधान मयंक चौहान और महासचिव संजय कुमार ने बताया कि जिले में 87 तकनीकी सहायक नियुक्त हैं। ये पंचायतों के समस्त कार्यों (मनरेगा, 15वां वित्तायोग सहित अन्य मदों का तकनीकी प्राकलन एवं मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्हें वित्तीय लाभों से वंचित रखा जा रहा है। बताया कि 58 सात जून 2008 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को यह लाभ दिए जा रहे हैं। बताया कि उनका वेतन मनरेगा मद मैटीरियल कंपानेंट से दिया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। बताया कि जब उनकी नियुक्ति जिला परिषद कैडर में की गई है तो उन्हें भी यह सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूर्व में नियुक्त कर्मचारियों की तरह ही उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाएं।
--
विज्ञापन
हैरानी की बात है कि सात जून 2008 से पूर्व नियुक्त तकनीकी सहायकों को जिला परिषद के तहत समस्त वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं। बाद में नियुक्त सहायकों को यह सौगात नहीं दी जा रही है। जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ के प्रधान मयंक चौहान और महासचिव संजय कुमार ने बताया कि जिले में 87 तकनीकी सहायक नियुक्त हैं। ये पंचायतों के समस्त कार्यों (मनरेगा, 15वां वित्तायोग सहित अन्य मदों का तकनीकी प्राकलन एवं मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्हें वित्तीय लाभों से वंचित रखा जा रहा है। बताया कि 58 सात जून 2008 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को यह लाभ दिए जा रहे हैं। बताया कि उनका वेतन मनरेगा मद मैटीरियल कंपानेंट से दिया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। बताया कि जब उनकी नियुक्ति जिला परिषद कैडर में की गई है तो उन्हें भी यह सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूर्व में नियुक्त कर्मचारियों की तरह ही उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाएं।
विज्ञापन