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खराब रहन सहन की वजह से चंबा जिला के लोगों को हो रहा टीबी रोग
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चंबा। खराब रहन-सहन की वजह से चंबा जिला के लोगों को टीबी की बीमारी जकड़ रही है। जिला में अब तक 1200 से अधिक लोगों को टीबी रोग हो चुका है। जबकि 35 लोग एमडीआर टीबी रोग के शिकार हो चुके हैं। यह रोग तब होता है, जब टीबी रोगियों में नॉर्मल दवाइयां असर नहीं करतीं। ऐसे मरीजों को विशेष दवाइयां दी जाती हैं ताकि रोग को खत्म किया जा सके। टीबी रोग होने का मुख्य कारण लोगों का खराब रहन-सहन है। जब एक कमरे में पांच या इससे अधिक लोग एक साथ रहते हैं तो उनमें टीबी जैसे रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि किसी एक को खांसी होगी तो वह अन्य लोगों के साथ रहेगा। जिससे अन्य लोगों को भी खांसी शुरू हो जाएगी। धीरे-धीरे खांसी टीबी में परिवर्तित हो जाती है। इसलिए लोगों को समय रहते अपने रहन सहन को बदलना होगा। इसके अलावा जो लोग भीड़ भाड़ वाली जगह में रहते हैं। उन्हें भी टीबी रोग होने का खतरा रहता है।
स्वास्थ्य विभाग चंबा जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए हरेक व्यापक प्रयास कर रहा है। जिला में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे लोगों का सर्वे किया जा रहा है। जिनमें टीबी रोग के लक्षण हों। ऐसे लोगों का विभाग पहले जांच करवाएगा। टीबी मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवान के साथ उनको डाईट व अस्पताल आने जाने के लिए प्रतिमाह पांच सौ रुपये भी प्रदान किए जा रहे हैं।
टीबी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर देवेंद्र ने बताया कि लोगों के खराब रहन-सहन की वजह से टीबी रोग होने का खतरा रहता है। लोगों को ज्यादा भीड़ में नहीं रहना चाहिए। सर्दी, जुकाम से संक्रमित लोगों से बचना चाहिए। खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। टीबी रोगियों का पूरा इलाज मुफ्त हो रहा है।
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यह हैं टीबी रोग के लक्षण
लगातार तीन हफ्तों से खांसी आना और आगे भी जारी रहना, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना, शाम को बुखार का आना और ठंड लगना तथा रात में पसीना आना टीबी रोग के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
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स्वास्थ्य विभाग चंबा जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए हरेक व्यापक प्रयास कर रहा है। जिला में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे लोगों का सर्वे किया जा रहा है। जिनमें टीबी रोग के लक्षण हों। ऐसे लोगों का विभाग पहले जांच करवाएगा। टीबी मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवान के साथ उनको डाईट व अस्पताल आने जाने के लिए प्रतिमाह पांच सौ रुपये भी प्रदान किए जा रहे हैं।
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टीबी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर देवेंद्र ने बताया कि लोगों के खराब रहन-सहन की वजह से टीबी रोग होने का खतरा रहता है। लोगों को ज्यादा भीड़ में नहीं रहना चाहिए। सर्दी, जुकाम से संक्रमित लोगों से बचना चाहिए। खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। टीबी रोगियों का पूरा इलाज मुफ्त हो रहा है।
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यह हैं टीबी रोग के लक्षण
लगातार तीन हफ्तों से खांसी आना और आगे भी जारी रहना, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना, शाम को बुखार का आना और ठंड लगना तथा रात में पसीना आना टीबी रोग के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।