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Chamba News: बीस दिन में ही उखड़ गई 5.80 करोड़ रुपये से बिछाई तारकोल
Sat, 17 Aug 2024 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:24 PM IST
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च्लोंज मोड़-देवीकोठी टेपा मार्ग पर गुणवत्ताहीन तारकोल उखाड़ते ग्रामीण। संवाद
तीसा (चंबा)। चलोंज मोड़-देवीकोठी टेपा मुख्य सड़क पर करीब 5 करोड़ 80 लाख रुपये से डाली गई तारकोल 20 दिन में ही उखड़ना शुरू हो गई है। हालत ऐसी है कि हल्का सा जोर लगाने पर तारकोल उखड़कर हाथ में आ रही है।
ग्रामीणों ने छह किलोमीटर के मार्ग पर तारकोल बिछाने के कार्य में गुणवत्ता नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार तारकोल बिछाने के कार्य में लापरवाही बरत रहा है। इसके लिए विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी अपनी निगरानी में कार्य करवाते तो इस प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाती। सड़क पर बिछाई गई तारकोल के बीचोंबीच पड़ी दरारों को ग्रामीणों की ओर से उखाड़ने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी से संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर नए सिरे से तारकोल बिछाने के निर्देश देने की मांग की है। टेपा पंचायत के प्रधान ध्यान सिंह, ग्रामीणों में लेखराज, किशन, राजो, किशन चंद, ध्यान सिंह और बिशन सिंह ने बताया कि छह किलोमीटर मार्ग पर 5 करोड़ 80 लाख रुपये से बिछाई जा रही तारकोल को छोड़कर अन्य कार्य जैसे कनवर्टर, नालियों समेत डंगे लगाने के कार्य बेहतरीन तरीके से हुए हैं। तारकोल का 20 दिन में ही उखड़ना ठेकेदार की लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने कहा कि चुराह की घुलेई, देवीकोठी, टेपा पंचायतों की 8 हजार की आबादी सफर तय करती है। इसी मार्ग से श्रद्धालु और 55 पंचायतों के लोग ऐतिहासिक देवीकोठी मंदिर में माथा टेकने जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मार्ग पर लंबे समय से तारकोल न बिछने से गड्ढे हो गए थे। मामला उठाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने के बाद बना कर तारकोल डालने का कार्य ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन अब लोगों ने गुणवत्ता का काम न होने के आरोप लगाए हैं।
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उपमंडलाधिकारी नागरिक शशिपाल शर्मा ने कहा कि संबंधित विभाग से गुणवत्ताहीन कार्य को लेकर जवाबतलब किया जाएगा।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विपन चौहान ने बताया कि मामला ध्यान में आने के बाद ठेकेदार को नए सिरे से तारकोल बिछाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र पाल को खबर का पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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ग्रामीणों ने छह किलोमीटर के मार्ग पर तारकोल बिछाने के कार्य में गुणवत्ता नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार तारकोल बिछाने के कार्य में लापरवाही बरत रहा है। इसके लिए विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी अपनी निगरानी में कार्य करवाते तो इस प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाती। सड़क पर बिछाई गई तारकोल के बीचोंबीच पड़ी दरारों को ग्रामीणों की ओर से उखाड़ने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी से संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर नए सिरे से तारकोल बिछाने के निर्देश देने की मांग की है। टेपा पंचायत के प्रधान ध्यान सिंह, ग्रामीणों में लेखराज, किशन, राजो, किशन चंद, ध्यान सिंह और बिशन सिंह ने बताया कि छह किलोमीटर मार्ग पर 5 करोड़ 80 लाख रुपये से बिछाई जा रही तारकोल को छोड़कर अन्य कार्य जैसे कनवर्टर, नालियों समेत डंगे लगाने के कार्य बेहतरीन तरीके से हुए हैं। तारकोल का 20 दिन में ही उखड़ना ठेकेदार की लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने कहा कि चुराह की घुलेई, देवीकोठी, टेपा पंचायतों की 8 हजार की आबादी सफर तय करती है। इसी मार्ग से श्रद्धालु और 55 पंचायतों के लोग ऐतिहासिक देवीकोठी मंदिर में माथा टेकने जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मार्ग पर लंबे समय से तारकोल न बिछने से गड्ढे हो गए थे। मामला उठाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने के बाद बना कर तारकोल डालने का कार्य ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन अब लोगों ने गुणवत्ता का काम न होने के आरोप लगाए हैं।
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उपमंडलाधिकारी नागरिक शशिपाल शर्मा ने कहा कि संबंधित विभाग से गुणवत्ताहीन कार्य को लेकर जवाबतलब किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विपन चौहान ने बताया कि मामला ध्यान में आने के बाद ठेकेदार को नए सिरे से तारकोल बिछाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र पाल को खबर का पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।