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Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज में पहली बार पेनक्रियाज की रसोली का सफल ऑपरेशन
Fri, 08 Aug 2025 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 08 Aug 2025 10:40 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के डॉक्टरों ने पहली बार पेनक्रियाज में बनी सूडो सिस्ट (रसोली) का सफल ऑपरेशन हुआ है। इस सिस्टो-जेजुनोस्टमी सर्जरी की सबसे खास बात यह रही कि यह पूरी तरह निशुल्क की गई, जबकि किसी निजी अस्पताल में इसका खर्च 2.5 लाख रुपये तक हो सकता था। जानकारी के अनुसार हिमगिरी निवासी कमल कुमार पिछले दो वर्षों से पेट दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। टांडा और शिमला के कई अस्पतालों में वह चक्कर लगा रहे थे।
एक माह पूर्व उन्होंने मेडिकल कॉलेज चंबा की सर्जरी ओपीडी में डॉ. रोहित ठाकुर से परामर्श लिया। जांच के बाद पता चला कि पेनक्रियाज में सूडो सिस्ट बन चुकी है, जो किसी भी समय फटकर जानलेवा हो सकती थी। डॉ. रोहित ने पूरी स्थिति समझाई और सर्जरी के लिए तैयार किया। डॉ. रोहित ठाकुर और डॉ. अरविंद भाटिया ने एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सलोनी, डॉ. लतेश, स्टाफ नर्स बबीता और ओटीए रंजीत कुमार के साथ मिलकर ऑपरेशन किया। करीब एक घंटे चली सर्जरी पूरी तरह सफल रही। मरीज की हालत अब सामान्य है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
मील का पत्थर बनी उपलब्धि
अब तक इस तरह की सर्जरी के लिए मरीजों को टांडा, शिमला या चंडीगढ़ रेफर किया जाता था। इससे न केवल समय और पैसा खर्च होता, बल्कि मानसिक तनाव भी बहुत बढ़ता था। अब चंबा के मरीजों को घर के पास ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिलने लगी हैं।
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पेनक्रियाज की रसोली का सफल ऑपरेशन चंबा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हमारी प्राथमिकता यही है कि हर मरीज को घर के नजदीक निशुल्क और उच्च स्तरीय उपचार मिले, ताकि चंबा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता मेडिकल कॉलेज
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एक माह पूर्व उन्होंने मेडिकल कॉलेज चंबा की सर्जरी ओपीडी में डॉ. रोहित ठाकुर से परामर्श लिया। जांच के बाद पता चला कि पेनक्रियाज में सूडो सिस्ट बन चुकी है, जो किसी भी समय फटकर जानलेवा हो सकती थी। डॉ. रोहित ने पूरी स्थिति समझाई और सर्जरी के लिए तैयार किया। डॉ. रोहित ठाकुर और डॉ. अरविंद भाटिया ने एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सलोनी, डॉ. लतेश, स्टाफ नर्स बबीता और ओटीए रंजीत कुमार के साथ मिलकर ऑपरेशन किया। करीब एक घंटे चली सर्जरी पूरी तरह सफल रही। मरीज की हालत अब सामान्य है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
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मील का पत्थर बनी उपलब्धि
अब तक इस तरह की सर्जरी के लिए मरीजों को टांडा, शिमला या चंडीगढ़ रेफर किया जाता था। इससे न केवल समय और पैसा खर्च होता, बल्कि मानसिक तनाव भी बहुत बढ़ता था। अब चंबा के मरीजों को घर के पास ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिलने लगी हैं।
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पेनक्रियाज की रसोली का सफल ऑपरेशन चंबा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हमारी प्राथमिकता यही है कि हर मरीज को घर के नजदीक निशुल्क और उच्च स्तरीय उपचार मिले, ताकि चंबा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता मेडिकल कॉलेज