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Chamba News: बिना चोट पेट में फटी प्लीहा, चंबा में पहली बार हुई आपात सर्जरी
Mon, 12 Oct 2026 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:25 PM IST
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पेट में मिला डेढ़ लीटर खून, 35 वर्षीय मरीज की जान बचाने में सफल रहे चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज चंबा में मरीजा का जटिल ऑपरेशन कर प्लीहा निकाली
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बिना किसी बाहरी चोट के प्लीहा फटने से गंभीर हालत में पहुंचे 35 वर्षीय मरीज की मेडिकल कॉलेज चंबा में आपात सर्जरी कर जान बचाई गई। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इस तरह की सर्जरी पहली बार की गई। मरीज भरमौर के कुगती क्षेत्र का रहने वाला है।
मरीज को सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। शुरुआती जांच में पेट की झिल्ली में गंभीर सूजन और संक्रमण का पता चला। आंत में छेद होने की आशंका के चलते चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। दोपहर 12 बजे सर्जरी शुरू की गई। ऑपरेशन के दौरान पेट की गुहा में करीब डेढ़ लीटर खून मिला। जांच में आंत में छेद नहीं पाया गया, बल्कि प्लीहा अपने आप फटी हुई मिली। इसके बाद चिकित्सकों ने आपातकालीन स्प्लेनेक्टॉमी यानी प्लीहा निकालने की सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान मरीज को खून की दो यूनिट भी चढ़ाई गईं।
चिकित्सकों के अनुसार बिना चोट के प्लीहा का फटना बेहद दुर्लभ स्थिति है। ऐसे मामले प्लीहा फटने की कुल घटनाओं के 0.5 प्रतिशत से भी कम बताए गए हैं। सर्जरी टीम में डॉ. रोहित ठाकुर, डॉ. अरविंद और डॉ. नितेश शामिल रहे। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सलोनी और डॉ. मनुज ने संभाली। स्टाफ नर्स चांदनी, ओटीए रजत और चतुर्थ श्रेणी कर्मी दिनेश ने भी सहयोग दिया।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी ने टीम के तालमेल और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। प्राचार्य डॉ. पंकज और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने चिकित्सकों को बधाई दी। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने इसे चंबा में चिकित्सा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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यह होती है प्लीहा
प्लीहा शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पेट के ऊपरी बाएं हिस्से में, पसलियों के नीचे स्थित होता है। इसे अंग्रेजी में स्प्लीन कहते हैं। यह खून को छानने, पुरानी और क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाओं को हटाने तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है। प्लीहा फटने पर अंदरूनी रक्तस्राव हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय उपचार और कई मामलों में आपात सर्जरी की जरूरत पड़ती है।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में मरीजा का जटिल ऑपरेशन कर प्लीहा निकाली
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बिना किसी बाहरी चोट के प्लीहा फटने से गंभीर हालत में पहुंचे 35 वर्षीय मरीज की मेडिकल कॉलेज चंबा में आपात सर्जरी कर जान बचाई गई। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इस तरह की सर्जरी पहली बार की गई। मरीज भरमौर के कुगती क्षेत्र का रहने वाला है।
मरीज को सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। शुरुआती जांच में पेट की झिल्ली में गंभीर सूजन और संक्रमण का पता चला। आंत में छेद होने की आशंका के चलते चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। दोपहर 12 बजे सर्जरी शुरू की गई। ऑपरेशन के दौरान पेट की गुहा में करीब डेढ़ लीटर खून मिला। जांच में आंत में छेद नहीं पाया गया, बल्कि प्लीहा अपने आप फटी हुई मिली। इसके बाद चिकित्सकों ने आपातकालीन स्प्लेनेक्टॉमी यानी प्लीहा निकालने की सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान मरीज को खून की दो यूनिट भी चढ़ाई गईं।
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चिकित्सकों के अनुसार बिना चोट के प्लीहा का फटना बेहद दुर्लभ स्थिति है। ऐसे मामले प्लीहा फटने की कुल घटनाओं के 0.5 प्रतिशत से भी कम बताए गए हैं। सर्जरी टीम में डॉ. रोहित ठाकुर, डॉ. अरविंद और डॉ. नितेश शामिल रहे। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सलोनी और डॉ. मनुज ने संभाली। स्टाफ नर्स चांदनी, ओटीए रजत और चतुर्थ श्रेणी कर्मी दिनेश ने भी सहयोग दिया।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी ने टीम के तालमेल और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। प्राचार्य डॉ. पंकज और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने चिकित्सकों को बधाई दी। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने इसे चंबा में चिकित्सा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
यह होती है प्लीहा
प्लीहा शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पेट के ऊपरी बाएं हिस्से में, पसलियों के नीचे स्थित होता है। इसे अंग्रेजी में स्प्लीन कहते हैं। यह खून को छानने, पुरानी और क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाओं को हटाने तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है। प्लीहा फटने पर अंदरूनी रक्तस्राव हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय उपचार और कई मामलों में आपात सर्जरी की जरूरत पड़ती है।