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Chamba News: न सड़क की राह खुली और न ही पीठ से उतरा मजबूरी का बोझ
Mon, 12 Oct 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:43 PM IST
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सड़क के अभाव में पीठ पर सामानलाद कर ले जाती गुवाड़ पंचायत की महिला। संवाद
जमीन देने और भूमि पूजन होने के बाद भी सड़क से दूर हैं गुवाड़ पंचायत के 12 गांव
तीन साल से इंतजार, 1500 लोगों को पीठ और खच्चरों के सहारे ढोना पड़ रहा सामान
78 लाख रुपये से बननी है तीन किलोमीटर सड़क, पेड़ कटान के बाद शुरू होगा काम
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। सड़क बनने की उम्मीद में ग्रामीणों ने अपनी जमीन तक लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी। 28 अक्तूबर, 2025 को सड़क का भूमि पूजन भी हो गया, लेकिन सड़क बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ।
नतीजतन, गुवाड़ पंचायत के करीब 12 गांवों के 1500 लोगों के लिए रोजमर्रा का सामान घर तक पहुंचाना आज भी किसी मशक्कत से कम नहीं है। राशन हो या मकान बनाने की सामग्री, लोगों को पीठ और कंधों पर बोझ उठाना पड़ता है या खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए प्रति खच्चर 250 से 500 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं।
जजरेड से सनोटी होते हुए प्रस्तावित करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण 78 लाख रुपये से होना है। सनोटी, गुवाड़, कुलेना, जजरेड, सियूनी, खिल, नतोड़, उटोड़, पालेगा, निचली सनोटी और चचेरा सहित आसपास के गांवों के लोग सड़क सुविधा मिलने की राह देख रहे हैं। सड़क न होने से बच्चों की आवाजाही भी कठिन बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन देने और भूमि पूजन के बाद भी निर्माण शुरू न होना उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। उधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि वन विभाग की ओर से पेड़ कटान के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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सड़क के अभाव में लोगों को रोजमर्रा का सामान पीठ पर घर पहुंचाना पड़ता है। जमीन विभाग के नाम करने और भूमि पूजन होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। - हितेश कुमार
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सड़क गांवों की मूलभूत जरूरत है। इसके न होने से ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ती है। सड़क बनने से लोगों को राहत मिलेगी और आवागमन आसान होगा। - अतुल कुमार
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ग्रामीणों ने सड़क के लिए जमीन विभाग के नाम कर दी है। बावजूद इसके निर्माण शुरू न होना निराशाजनक है। प्रशासन-विभाग को औपचारिकताएं जल्द पूरी करनी चाहिए।- हरीश ठाकुर
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सड़क की राह में आने वाली लोगों की जमीनों की गिफ्ट डीड तक करवाई जा चुकी है। ऐसे में अब भी गांवों का सड़क से न जुड़ पाना लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहा है। - मनोज कुमार
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तीन साल से इंतजार, 1500 लोगों को पीठ और खच्चरों के सहारे ढोना पड़ रहा सामान
78 लाख रुपये से बननी है तीन किलोमीटर सड़क, पेड़ कटान के बाद शुरू होगा काम
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। सड़क बनने की उम्मीद में ग्रामीणों ने अपनी जमीन तक लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी। 28 अक्तूबर, 2025 को सड़क का भूमि पूजन भी हो गया, लेकिन सड़क बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ।
नतीजतन, गुवाड़ पंचायत के करीब 12 गांवों के 1500 लोगों के लिए रोजमर्रा का सामान घर तक पहुंचाना आज भी किसी मशक्कत से कम नहीं है। राशन हो या मकान बनाने की सामग्री, लोगों को पीठ और कंधों पर बोझ उठाना पड़ता है या खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए प्रति खच्चर 250 से 500 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं।
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जजरेड से सनोटी होते हुए प्रस्तावित करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण 78 लाख रुपये से होना है। सनोटी, गुवाड़, कुलेना, जजरेड, सियूनी, खिल, नतोड़, उटोड़, पालेगा, निचली सनोटी और चचेरा सहित आसपास के गांवों के लोग सड़क सुविधा मिलने की राह देख रहे हैं। सड़क न होने से बच्चों की आवाजाही भी कठिन बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन देने और भूमि पूजन के बाद भी निर्माण शुरू न होना उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। उधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि वन विभाग की ओर से पेड़ कटान के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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सड़क के अभाव में लोगों को रोजमर्रा का सामान पीठ पर घर पहुंचाना पड़ता है। जमीन विभाग के नाम करने और भूमि पूजन होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। - हितेश कुमार
सड़क गांवों की मूलभूत जरूरत है। इसके न होने से ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ती है। सड़क बनने से लोगों को राहत मिलेगी और आवागमन आसान होगा। - अतुल कुमार
ग्रामीणों ने सड़क के लिए जमीन विभाग के नाम कर दी है। बावजूद इसके निर्माण शुरू न होना निराशाजनक है। प्रशासन-विभाग को औपचारिकताएं जल्द पूरी करनी चाहिए।- हरीश ठाकुर
सड़क की राह में आने वाली लोगों की जमीनों की गिफ्ट डीड तक करवाई जा चुकी है। ऐसे में अब भी गांवों का सड़क से न जुड़ पाना लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहा है। - मनोज कुमार