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Chamba News: चुनाव में हर बार मुद्दा बना सिकरीधार सीमेंट प्लांट, तीन दशक बाद भी लोग खाली हाथ
Mon, 01 Apr 2024 03:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 01 Apr 2024 03:39 AM IST
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चुनाव में हर बार मुद्दा बना सिकरीधार सीमेंट प्लांट, तीन दशक बाद भी लोग खाली हाथ
अभी तक नहीं छंट पाई सीमेंट प्लांट की फाइल पर जमी धूल, जिले के लोग बोले- इस बार नहीं आएंगे झांसे में
बोले- सीमेंट प्लांट लगने से स्थानीय युवाओं को मिलना था रोजगार, कई बार मांग उठाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सिकरीधार प्लांट चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। इसके चलते जिले के लोगों में काफी आक्रोश है। तीन दशकों से सीमेंट प्लांट के निर्माण की आस में जिले के लोग हैं, मगर अब तक लोगों को कुछ हाथ नहीं लग पाया है। हर बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया है। कांग्रेस सीमेंट प्लांट नहीं लगने के मुद्दे को उछालती रही है, लेकिन पहल किसी भी सांसद और सरकार ने नहीं की।
जानकारी के अनुसार जिले के सुरंगाणी में 180 मेगावाट की इकलौती बैरा सियूल पन विद्युत परियोजना के कार्य के दौरान सिकरीधार में सीमेंट में प्रयोग होने वाले मुख्य कच्चे माल लाइम स्टोन होने का आभास हुआ। इसके बाद मामला तत्कालीन नेतृत्व के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया गया। सर्वे हुआ तो दशकों तक के लिए पर्याप्त लाइम स्टोन का भंडार पाया गया और शीघ्र सीमेंट प्लांट खोलना प्रस्तावित हुआ। हैरानी की बात तो यह है कि तीस सालों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक सिकरीधार सीमेंट की फाइल पर जमी धूल नहीं छंट पाई है। गौरतलब है कि बिलासपुर जिले में काफी कम समय में एसीसी के तीन तीन कारखाने खुल गए, दाड़लाघाट नामक स्थान पर अंबुजा सीमेंट कारखाना चल रहा है। सिरमौर में कालाअंब और पांवटा साहब में आरसीसी और सीसीआई के नाम से सीमेंट कारखाने बने हैं। यहां हजारों लोगों को रोजगार मिला है। यहां तैयार हो रहा सीमेंट देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है, मगर चंबा की सिकरीधार सीमेंट प्लांट नेताओं की घोषणाओं तक ही सिमटकर रह गया है। सुभाष शर्मा, होशियार सिंह, तिलक राज, मखोली राम, धनी सिंह, आशा कुमारी, धनों और कश्मीरी का कहना है कि सीमेंट कारखाने के नाम पर उन्हें बीट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार वह किसी भी नेता के झांसे में आने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सरकार से वे पहले भी प्रोजेक्ट को शुरू करने का आग्रह कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस प्लांट के लगने से जिला के बेरोजगार युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे।
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पूरा नहीं हुआ शांता कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट
भाजपा सांसद शांता कुमार के लिए सिकरीधार सीमेंट प्लांट ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहा। सांसद इसे पूरा नहीं कर पाए। हालांकि, शांता कुमार ने हर बार सांसद बनने के लिए चंबा को वोट बैंक के लिए प्रयोग किया है।
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जिला भाजपा अध्यक्ष धीरज नरयाल ने कहा कि यह मामला पूर्व सरकार ने उठाया था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह कार्य नहीं हो पाया है। कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही इस ओर प्रयास किए जाएंगे।
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशियों ने इस मुद्दे को लेकर वोट लिए हैं। जीत भी हासिल की है। आज तक यह सीमेंट प्लांट नहीं लग पाया। कहा कि यह मामला चुनावों के बाद प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
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अभी तक नहीं छंट पाई सीमेंट प्लांट की फाइल पर जमी धूल, जिले के लोग बोले- इस बार नहीं आएंगे झांसे में
बोले- सीमेंट प्लांट लगने से स्थानीय युवाओं को मिलना था रोजगार, कई बार मांग उठाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सिकरीधार प्लांट चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। इसके चलते जिले के लोगों में काफी आक्रोश है। तीन दशकों से सीमेंट प्लांट के निर्माण की आस में जिले के लोग हैं, मगर अब तक लोगों को कुछ हाथ नहीं लग पाया है। हर बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया है। कांग्रेस सीमेंट प्लांट नहीं लगने के मुद्दे को उछालती रही है, लेकिन पहल किसी भी सांसद और सरकार ने नहीं की।
जानकारी के अनुसार जिले के सुरंगाणी में 180 मेगावाट की इकलौती बैरा सियूल पन विद्युत परियोजना के कार्य के दौरान सिकरीधार में सीमेंट में प्रयोग होने वाले मुख्य कच्चे माल लाइम स्टोन होने का आभास हुआ। इसके बाद मामला तत्कालीन नेतृत्व के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया गया। सर्वे हुआ तो दशकों तक के लिए पर्याप्त लाइम स्टोन का भंडार पाया गया और शीघ्र सीमेंट प्लांट खोलना प्रस्तावित हुआ। हैरानी की बात तो यह है कि तीस सालों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक सिकरीधार सीमेंट की फाइल पर जमी धूल नहीं छंट पाई है। गौरतलब है कि बिलासपुर जिले में काफी कम समय में एसीसी के तीन तीन कारखाने खुल गए, दाड़लाघाट नामक स्थान पर अंबुजा सीमेंट कारखाना चल रहा है। सिरमौर में कालाअंब और पांवटा साहब में आरसीसी और सीसीआई के नाम से सीमेंट कारखाने बने हैं। यहां हजारों लोगों को रोजगार मिला है। यहां तैयार हो रहा सीमेंट देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है, मगर चंबा की सिकरीधार सीमेंट प्लांट नेताओं की घोषणाओं तक ही सिमटकर रह गया है। सुभाष शर्मा, होशियार सिंह, तिलक राज, मखोली राम, धनी सिंह, आशा कुमारी, धनों और कश्मीरी का कहना है कि सीमेंट कारखाने के नाम पर उन्हें बीट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार वह किसी भी नेता के झांसे में आने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सरकार से वे पहले भी प्रोजेक्ट को शुरू करने का आग्रह कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस प्लांट के लगने से जिला के बेरोजगार युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे।
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पूरा नहीं हुआ शांता कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट
भाजपा सांसद शांता कुमार के लिए सिकरीधार सीमेंट प्लांट ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहा। सांसद इसे पूरा नहीं कर पाए। हालांकि, शांता कुमार ने हर बार सांसद बनने के लिए चंबा को वोट बैंक के लिए प्रयोग किया है।
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जिला भाजपा अध्यक्ष धीरज नरयाल ने कहा कि यह मामला पूर्व सरकार ने उठाया था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह कार्य नहीं हो पाया है। कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही इस ओर प्रयास किए जाएंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशियों ने इस मुद्दे को लेकर वोट लिए हैं। जीत भी हासिल की है। आज तक यह सीमेंट प्लांट नहीं लग पाया। कहा कि यह मामला चुनावों के बाद प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा।