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Chamba News: चुराह में पशु चिकित्सकों की कमी, समय पर नहीं मिल रहा इलाज
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नकरोड़ (चंबा)। पशुपालन विभाग तीसा में पशु चिकित्सकों की कमी का खामियाजा पशु पालकों को भुगतना पड़ रहा है। पशु पालकों के बीमार मवेशियों का समय पर इलाज नहीं होने से उनकी मौतें हो रही हैं। इसकी वजह से पशु पालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पशु पालक रोशन लाल, सुरेंद्र, भाग सिंह, जितेंद्र, प्रताप चंद, हंसराज और नेक सिंह ने बताया कि चुराह के आठ पशु औषधालयों में चिकित्सक के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने सरकार से इन पदों को भरने की मांग की है। उन्होंने बताया कि औषधालय सहित पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों की कमी चल रही है।
इसके चलते जब पशु पालक अपने बीमार मवेशी को लेकर नजदीक पशु चिकित्सालय में जाते हैं तो मवेशी को चिकित्सीय सेवा नहीं मिल पाती। इससे बीमारी मवेशी अपनी बीमारी से नहीं उबर पाता। चुराह विधानसभा क्षेत्र एक ग्रामीण क्षेत्र है इस क्षेत्र में अधिकतर किसान और पशु पालक रहते हैं। हरेक परिवार के पास गाय, भैंस, बकरी और अन्य पालतू मवेशी हैं। कई परिवार दूध बेचकर अपनी आजीविका कमाते हैं। ऐसे में यदि उनके बीमार मवेशी का इलाज करने के लिए पशु चिकित्सालय में काई चिकित्सक नहीं होगा तो उनके मवेशी बीमारी से नहीं बच पाएंगे।
पिछले कई वर्षों से चुराह विधानसभा क्षेत्र में पशु चिकित्सालय और औषधालय सहित पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में स्टाफ की कमी चल रही है। इसको लेकर सरकार को अवगत करवा दिया गया है। सरकार जल्द ही इन पदों पर तैनाती कर सकती है।
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डॉ. मुकुल कैस्था, सहायक निदेशक, पशु पालन विभाग
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इसके चलते जब पशु पालक अपने बीमार मवेशी को लेकर नजदीक पशु चिकित्सालय में जाते हैं तो मवेशी को चिकित्सीय सेवा नहीं मिल पाती। इससे बीमारी मवेशी अपनी बीमारी से नहीं उबर पाता। चुराह विधानसभा क्षेत्र एक ग्रामीण क्षेत्र है इस क्षेत्र में अधिकतर किसान और पशु पालक रहते हैं। हरेक परिवार के पास गाय, भैंस, बकरी और अन्य पालतू मवेशी हैं। कई परिवार दूध बेचकर अपनी आजीविका कमाते हैं। ऐसे में यदि उनके बीमार मवेशी का इलाज करने के लिए पशु चिकित्सालय में काई चिकित्सक नहीं होगा तो उनके मवेशी बीमारी से नहीं बच पाएंगे।
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पिछले कई वर्षों से चुराह विधानसभा क्षेत्र में पशु चिकित्सालय और औषधालय सहित पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में स्टाफ की कमी चल रही है। इसको लेकर सरकार को अवगत करवा दिया गया है। सरकार जल्द ही इन पदों पर तैनाती कर सकती है।
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डॉ. मुकुल कैस्था, सहायक निदेशक, पशु पालन विभाग