{"_id":"5b590404b37050c6263cc61f26b7c1ec","slug":"sanskrit-college-under-govt-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृत महाविद्यालय का सरकारीकरण करवाने का अनुरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृत महाविद्यालय का सरकारीकरण करवाने का अनुरोध
ब्यूरो, अमर उजाला/ (चंबा)।
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय का एक प्रतिनिधिमंडल सूर्यकांत शर्मा की अध्यक्षता में राज्य सहकारी सभा के अध्यक्ष हर्ष महाजन से मिला। इस दौरान संस्कृत महाविद्यालय की दयनीय हालत को हर्ष महाजन के समक्ष रखा गया।
विज्ञापन
सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि वर्ष 1993 से महाविद्यालय को मात्र 2 लाख 50 हजार रुपये की वार्षिक अनुदान राशि मिल रही है। इस धनराशि में 22 वर्षों से एक बार भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस धनराशि के महाविद्यालय के 11 कर्मचारियों का वेतन पूरा करना असंभव हो रहा है।
विज्ञापन
आर्थिक अभाव होने के कारण महाविद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने सरकार द्वारा संस्कृत महाविद्यालय को अधिग्रहण करने से संबंधित निरीक्षण रिपोर्ट की एक प्रति हर्ष महाजन को सौंपी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ब्राह्मण सभा की बैठक में चंबा में सरकारी संस्कृत कॉलेज खोलने की घोषणा की है।
विज्ञापन
उन्होंने हर्ष महाजन से संस्कृत महाविद्यालय का शीघ्र ही सरकारीकरण करवाने का अनुरोध किया ताकि 36 वर्षों से चंबा में चल रहे संस्कृत महाविद्यालय का वजूद बना रहे। राज्य सहकारी सभा के अध्यक्ष हर्ष महाजन ने संस्कृत कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जल्द ही संस्कृत कॉलेज का सरकारीकरण करवाने का बजट में प्रावधान करवाया जाएगा।