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Chamba News: खांसी के सिरप समेत सात दवाइयाें के भरे सैंपल
Tue, 13 Jan 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 13 Jan 2026 10:39 PM IST
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चंबा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुंडला में मरीजों को दी जाने वाली दवाई की गुणवत्ता की जांच करने के लिए चार दवाइयों के सैंपल भरे गए हैं। इसके अलावा तीन सैंपल सरोल के मेडिकल स्टोर से भरे गए हैं। इनमें खांसी का सिरप भी शामिल है। इन्हें कंडाघाट की प्रयोगशाला में भेजा गया है।
जिन दवाओं के सैंपल भरे गए हैं, उनमें खांसी के सिरप, एंटीबायोटिक और दवा निवारक दवा शामिल हैं। इनका इस्तेमाल सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में अधिक होता है। सर्दी के मौसम में खांसी सिरप की मांग काफी बढ़ गई है।
रोजाना अस्पतालों में खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों को जो दवाई इलाज के लिए दी जा रह है, उसकी गुणवत्ता सही भी है या नहीं। इसका पता लगाने के लिए विभाग ने ये सैंपल भरे हैं। जिले में दो दवाइयों के सैंपल पहले ही फेल निकल चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग दवाइयों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की ढील नहीं बरतना चाहता।
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यही वजह है कि जहां निजी दवा स्टोरों से हर माह दवाइयों के सैंपल भरे जा रहे हैं तो वहीं सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाइयों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि इन दवाइयों की गुणवत्ता जांच की जा सके। 15 दिन में प्रयोगशाला को सैंपलों की रिपोर्ट देना अनिवार्य होता है। ऐसे में विभाग रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिन दवाओं के सैंपल भरे गए हैं, उनमें खांसी के सिरप, एंटीबायोटिक और दवा निवारक दवा शामिल हैं। इनका इस्तेमाल सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में अधिक होता है। सर्दी के मौसम में खांसी सिरप की मांग काफी बढ़ गई है।
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रोजाना अस्पतालों में खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों को जो दवाई इलाज के लिए दी जा रह है, उसकी गुणवत्ता सही भी है या नहीं। इसका पता लगाने के लिए विभाग ने ये सैंपल भरे हैं। जिले में दो दवाइयों के सैंपल पहले ही फेल निकल चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग दवाइयों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की ढील नहीं बरतना चाहता।
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यही वजह है कि जहां निजी दवा स्टोरों से हर माह दवाइयों के सैंपल भरे जा रहे हैं तो वहीं सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाइयों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि इन दवाइयों की गुणवत्ता जांच की जा सके। 15 दिन में प्रयोगशाला को सैंपलों की रिपोर्ट देना अनिवार्य होता है। ऐसे में विभाग रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।