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Chamba News: ढोल-नगाड़ों की थाप पर सूही मंदिर लाए जाएंगे रानी सुनयना के पदचिह्न
Wed, 10 Apr 2024 10:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 10 Apr 2024 10:07 PM IST
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ढोल-नगाड़ों की थाप पर सूही मंदिर लाए जाएंगे रानी सुनयना के पदचिह्न
आज से शुरू होगा तीन दिवसीय सूही मेला, पिंक पैलेस से निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा
शोभायात्रा में सबसे आगे चलेंगी कंजक, पारंपरिक परिधानों में घुरेई नृत्य पेश करेंगी महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। तीन दिवसीय जिला स्तरीय सूही मेला वीरवार से शुरू होगा। इसके लिए नगर परिषद चंबा ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। वीरवार सुबह पिंक पैलेस में सूही माता के चिह्न की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद ढाेल-नगाड़ों की थाप पर पिंक पैलेस से सूही माता मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। पारंपरिक परिधान पहनकर कंजक शोभायात्रा से आगे चलेंगी। रानी सुनयना के पदचिह्न पालकी में रखकर सूही माता मंदिर पहुंचाए जाएंगे। शोभायात्रा में स्कूली बच्चे, नप के पार्षद, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग विशेषकर महिलाएं शामिल होंगी। शोभायात्रा के दौरान भरमौर क्षेत्र की गद्दी समुदाय की महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर घुरेई गीत गाकर नृत्य करती नजर आएंगी। सूही मढ़ स्थित मंदिर में पहुंचने पर सर्वप्रथम कंजक पूजन होगा। इस दौरान भंडारा भी लगाया जाएगा।
हर वर्ष यह मेला धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार सूही माता मेले को जिलास्तरीय दर्जा मिला है, लेकिन आचार संहिता के चलते नगर परिषद को बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसे में नगर परिषद मेले का बेहतर आयोजन करवाने का प्रयास कर रही है। चौंतड़ा स्थित सूही माता मंदिर के रास्ते में लोग अस्थायी दुकानें लगाकर विभिन्न प्रकार के व्यंजन बेचने के लिए रखते हैं। बच्चों के लिए खिलौने की दुकानें सजाई जाती हैं।
मान्यता है कि चंबा रियासत में एक समय भयंकर सूखा पड़ा था। देखते ही देखते पानी की कमी हो गई थी। राज परिवार को स्वप्न हुआ और आदेश हुए कि यदि राजपरिवार से कोई अपनी आहुति देता है तो यह सूखा खत्म हो जाएगा। तब चंबा वासियों की प्यास बुझाने के लिए रानी सुनयना ने हंसते-हंसते अपना बलिदान दिया था। हर वर्ष रानी सुनयना की याद में तीन दिवसीय सूही माता मेले का आयोजन किया जाता है।
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आज से शुरू होगा तीन दिवसीय सूही मेला, पिंक पैलेस से निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा
शोभायात्रा में सबसे आगे चलेंगी कंजक, पारंपरिक परिधानों में घुरेई नृत्य पेश करेंगी महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। तीन दिवसीय जिला स्तरीय सूही मेला वीरवार से शुरू होगा। इसके लिए नगर परिषद चंबा ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। वीरवार सुबह पिंक पैलेस में सूही माता के चिह्न की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद ढाेल-नगाड़ों की थाप पर पिंक पैलेस से सूही माता मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। पारंपरिक परिधान पहनकर कंजक शोभायात्रा से आगे चलेंगी। रानी सुनयना के पदचिह्न पालकी में रखकर सूही माता मंदिर पहुंचाए जाएंगे। शोभायात्रा में स्कूली बच्चे, नप के पार्षद, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग विशेषकर महिलाएं शामिल होंगी। शोभायात्रा के दौरान भरमौर क्षेत्र की गद्दी समुदाय की महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर घुरेई गीत गाकर नृत्य करती नजर आएंगी। सूही मढ़ स्थित मंदिर में पहुंचने पर सर्वप्रथम कंजक पूजन होगा। इस दौरान भंडारा भी लगाया जाएगा।
हर वर्ष यह मेला धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार सूही माता मेले को जिलास्तरीय दर्जा मिला है, लेकिन आचार संहिता के चलते नगर परिषद को बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसे में नगर परिषद मेले का बेहतर आयोजन करवाने का प्रयास कर रही है। चौंतड़ा स्थित सूही माता मंदिर के रास्ते में लोग अस्थायी दुकानें लगाकर विभिन्न प्रकार के व्यंजन बेचने के लिए रखते हैं। बच्चों के लिए खिलौने की दुकानें सजाई जाती हैं।
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मान्यता है कि चंबा रियासत में एक समय भयंकर सूखा पड़ा था। देखते ही देखते पानी की कमी हो गई थी। राज परिवार को स्वप्न हुआ और आदेश हुए कि यदि राजपरिवार से कोई अपनी आहुति देता है तो यह सूखा खत्म हो जाएगा। तब चंबा वासियों की प्यास बुझाने के लिए रानी सुनयना ने हंसते-हंसते अपना बलिदान दिया था। हर वर्ष रानी सुनयना की याद में तीन दिवसीय सूही माता मेले का आयोजन किया जाता है।
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