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Chamba News: पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन बनाने के आदेश का विरोध
Fri, 22 May 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 22 May 2026 10:57 PM IST
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चंबा एडीएम को पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन बनाने के आदेश को लेकर ज्ञापन सोंपती मिड डे मील वर्क।
आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुनाव ड्यूटी के दौरान पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन बनाने के आदेश का आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू और मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू दोनों ने कड़ा विरोध किया है।
इसको लेकर प्रतिनिधिमंडल एडीएम अमित मेहरा से मिला और ज्ञापन सौंपा। सीटू के जिला महासचिव सुदेश ठाकुर, अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, आंगनबाड़ी यूनियन सीटू की जिला उपाध्यक्ष चंपा देवी, आशा और मिड-डे मील वर्कर यूनियन की सचिव कौशल्या मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग का यह फैसला अव्यावहारिक और महिला विरोधी है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सामंती मानसिकता को दर्शाता है। पहले पोलिंग पार्टियों के खाने-पीने और रहने के इंतजाम का जिम्मा पंचायतों पर होता था। कुछ वर्षों से पोलिंग पार्टियों खाने का इंतजाम का जिम्मा सबसे कम वेतन में काम करने वाले मिड-डे मील वर्करों को दिया जा रहा है। सभी पोलिंग कर्मियों को टीए और डीए मिलता है। मिड-डे मील वर्कर को कुछ नहीं दिया जाता है। आंगनबाड़ी यूनियन सीटू व मिड डे मील वर्कर यूनियन सीटू ने चुनाव आयोग से निवेदन किया है कि उक्त फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और भविष्य में चुनावों में इस प्रकार की ड्यूटी न लगाई जाए। पहले की तरह यह जिम्मेदारी पंचायतों को ही दी जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुनाव ड्यूटी के दौरान पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन बनाने के आदेश का आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू और मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू दोनों ने कड़ा विरोध किया है।
इसको लेकर प्रतिनिधिमंडल एडीएम अमित मेहरा से मिला और ज्ञापन सौंपा। सीटू के जिला महासचिव सुदेश ठाकुर, अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, आंगनबाड़ी यूनियन सीटू की जिला उपाध्यक्ष चंपा देवी, आशा और मिड-डे मील वर्कर यूनियन की सचिव कौशल्या मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग का यह फैसला अव्यावहारिक और महिला विरोधी है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सामंती मानसिकता को दर्शाता है। पहले पोलिंग पार्टियों के खाने-पीने और रहने के इंतजाम का जिम्मा पंचायतों पर होता था। कुछ वर्षों से पोलिंग पार्टियों खाने का इंतजाम का जिम्मा सबसे कम वेतन में काम करने वाले मिड-डे मील वर्करों को दिया जा रहा है। सभी पोलिंग कर्मियों को टीए और डीए मिलता है। मिड-डे मील वर्कर को कुछ नहीं दिया जाता है। आंगनबाड़ी यूनियन सीटू व मिड डे मील वर्कर यूनियन सीटू ने चुनाव आयोग से निवेदन किया है कि उक्त फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और भविष्य में चुनावों में इस प्रकार की ड्यूटी न लगाई जाए। पहले की तरह यह जिम्मेदारी पंचायतों को ही दी जाए।
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