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Chamba News: स्कूल बंद करने के विरोध में प्रदर्शन, धरने पर बैठे ग्रामीण
Mon, 18 Sep 2023 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 18 Sep 2023 11:09 PM IST
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पांगी (चंबा)। पांगी मुख्यालय किलाड़ में सोमवार को ग्रामीणों ने आक्रोश रैली निकाली। आवासीय आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया गया। राजकीय माध्यमिक पाठशाला कुलाल को बंद करने के विरोध में ग्रामीण किलाड़ मुख्यालय पहुंचे।
यहां राम लीला मैदान से ग्रामीणों ने आक्रोश रैली शुरू की। किलाड़ बाजार में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आक्रोश रैली किलाड़ बाजार से होते हुए आवासीय आयुक्त कार्यालय पहुंची। यहां पर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में महिलाएं सबसे अधिक संख्या में मौजूद रहीं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों में कौल सिंह, हांसी देवी, अंजू कुमारी, कमला, निर्मला, अनीता और सुरेश कुमार ने बताया कि कुलाल स्कूल को बंद करने से गांव के 14 बच्चों को अब पढ़ाई करने के लिए आठ किलोमीटर का पैदल सफर कर मिंधल गांव जाना पड़ रहा है। ये बच्चे घने जंगल के रास्ते से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वर्ष 2004 में लोगों की मांग पर कुलाल में माध्यमिक पाठशाला को खोला गया था। इसे मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया है। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कुलाल स्कूल को नोटिफाई कर शुरू नहीं करवाया गया तो वे धरने पर डटे रहेंगे। चक्का जाम करने की नौबत भी आई तो ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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यहां राम लीला मैदान से ग्रामीणों ने आक्रोश रैली शुरू की। किलाड़ बाजार में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आक्रोश रैली किलाड़ बाजार से होते हुए आवासीय आयुक्त कार्यालय पहुंची। यहां पर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में महिलाएं सबसे अधिक संख्या में मौजूद रहीं।
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प्रदर्शन में शामिल लोगों में कौल सिंह, हांसी देवी, अंजू कुमारी, कमला, निर्मला, अनीता और सुरेश कुमार ने बताया कि कुलाल स्कूल को बंद करने से गांव के 14 बच्चों को अब पढ़ाई करने के लिए आठ किलोमीटर का पैदल सफर कर मिंधल गांव जाना पड़ रहा है। ये बच्चे घने जंगल के रास्ते से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वर्ष 2004 में लोगों की मांग पर कुलाल में माध्यमिक पाठशाला को खोला गया था। इसे मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया है। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कुलाल स्कूल को नोटिफाई कर शुरू नहीं करवाया गया तो वे धरने पर डटे रहेंगे। चक्का जाम करने की नौबत भी आई तो ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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