{"_id":"681892a1ae139e65d1050acf","slug":"pomegranate-gardening-is-filling-the-pockets-of-gardeners-chamba-news-c-88-1-cmb1002-149818-2025-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: अनार की बागवानी भर रही बागवानों की जेब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: अनार की बागवानी भर रही बागवानों की जेब
विज्ञापन
अनार की बागवानी भर रही बागवानों की जेब
राजपुरा और मैहला में बागवानों की आमदनी का बना नया जरिया
2000 से अधिक पौधे लगाए, कमा रहे अच्छी खासा पैसा
बढ़ते रुझान को देख उद्यान विभाग बढ़ाएगा पौधों की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के राजपुरा और मैहला क्षेत्र में अनार की खेती से बागवान अच्छी खासी आमदनी कर रहे हैं। यहां के किसान आठ वर्षों से अनार की बागवानी कर रहे हैं। अब उन्हें इसका अच्छा लाभ मिल रहा है। अब तक इन क्षेत्रों में दो हजार से अधिक अनार के पौधे लगाए जा चुके हैं। स्थानीय लोगों का इस दिशा में लगातार रुझान लगातार बढ़ रहा है।
बागवानों राकेश कुमार, जोगिंद्र कुमार, धर्मपाल, भुवनेश कुमार आदि का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2017 से अनार की खेती शुरू की थी। शुरुआत में कई चुनौतियां थीं लेकिन लगातार मेहनत के बाद आज उनका अनार चंबा की स्थानीय मंडियों में खूब बिक रहा है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है बल्कि अन्य किसान भी इस मॉडल से प्रेरित हो रहे हैं। बागवानों का कहना है कि इसमें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। दिसंबर और जनवरी के बीच पौधे रोपे जाते हैं। तीन साल बाद पौधों में फल आना शुरू होते हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक प्रमोद शाह ने बताया कि अनार की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग और पौधे मंगवाने की योजना बना रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी खेती से जुड़ें और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें। यह पौधे किसी भी एरिया में लगाए जा सकते हैं। इसके लिए बागवान विभाग के साथ संपर्क कर सकते हैं। जो बागवान अनार की खेती कर रहे है उनकी मेहनत रंग ला रही है।
विज्ञापन
राजपुरा और मैहला में बागवानों की आमदनी का बना नया जरिया
2000 से अधिक पौधे लगाए, कमा रहे अच्छी खासा पैसा
बढ़ते रुझान को देख उद्यान विभाग बढ़ाएगा पौधों की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के राजपुरा और मैहला क्षेत्र में अनार की खेती से बागवान अच्छी खासी आमदनी कर रहे हैं। यहां के किसान आठ वर्षों से अनार की बागवानी कर रहे हैं। अब उन्हें इसका अच्छा लाभ मिल रहा है। अब तक इन क्षेत्रों में दो हजार से अधिक अनार के पौधे लगाए जा चुके हैं। स्थानीय लोगों का इस दिशा में लगातार रुझान लगातार बढ़ रहा है।
बागवानों राकेश कुमार, जोगिंद्र कुमार, धर्मपाल, भुवनेश कुमार आदि का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2017 से अनार की खेती शुरू की थी। शुरुआत में कई चुनौतियां थीं लेकिन लगातार मेहनत के बाद आज उनका अनार चंबा की स्थानीय मंडियों में खूब बिक रहा है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है बल्कि अन्य किसान भी इस मॉडल से प्रेरित हो रहे हैं। बागवानों का कहना है कि इसमें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। दिसंबर और जनवरी के बीच पौधे रोपे जाते हैं। तीन साल बाद पौधों में फल आना शुरू होते हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक प्रमोद शाह ने बताया कि अनार की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग और पौधे मंगवाने की योजना बना रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी खेती से जुड़ें और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें। यह पौधे किसी भी एरिया में लगाए जा सकते हैं। इसके लिए बागवान विभाग के साथ संपर्क कर सकते हैं। जो बागवान अनार की खेती कर रहे है उनकी मेहनत रंग ला रही है।
विज्ञापन