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Chamba News: वैद्य-हकीम, निजी क्लीनिक और केमिस्ट भी करेंगे अब टीबी रोगियों की पहचान
Sun, 19 May 2024 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 19 May 2024 10:37 PM IST
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चंबा। वैद्य, हकीम से लेकर निजी केमिस्ट भी अब टीबी मरीज की पहचान कर उसे टेस्ट करवाने के लिए रेफर करेंगे।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी केमिस्टों और ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने वाले वैद्य-हकीमों को निर्देश जारी कर दिए हैं। रेफर करने के लिए इन लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने एक फार्म भी दिया है। इस फार्म के तीन भाग हैं। एक भाग पर केमिस्ट या वैद्य टीबी संभावित लक्षणों वाले मरीज की पूरी जानकारी लिखेगा। इसकी एक कॉपी अपने पास रखेगा, दूसरी कॉपी विभाग को देंगा। तीसरी कॉपी मरीज के पास रहेगी। इसे दिखाने पर सरकारी लैब में उसका टीबी को लेकर टेस्ट किया जाएगा। अब तक तीन केमिस्ट दुकानों से संभावित मरीजों को रेफर कर तीन टीबी रोगियों की पहचान करवा चुके हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों से वैद्य-हकीम भी टीबी के संभावित मरीजों को टेस्ट के लिए चंबा रेफर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह निर्देश स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के निजी क्लीनिकों से लेकर आयुर्वेदिक क्लीनिक और अस्पतालों को भी दिए गए हैं। अब इन संस्थानों में कोई भी टीबी संभावित लक्षण वाला मरीज इलाज के लिए जाएगा तो सबसे पहले उसका टीबी टेस्ट करवाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें समय-समय पर वैद हकीमों के पास जाकर भी टीबी संभावित मरीजों का डाटा ले रही हैं। उधर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि टीबी मरीजों का पता लगाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। केमिस्ट से लेकर वैद्य-हकीम टीबी संभावित लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें रेफर करेंगे।
-- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सरकार के दिशा निर्देशानुसार कार्य कर रहा है। आने वाले समय में जिला पूर्ण रूप से टीबी मुक्त होगा।
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इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी केमिस्टों और ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने वाले वैद्य-हकीमों को निर्देश जारी कर दिए हैं। रेफर करने के लिए इन लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने एक फार्म भी दिया है। इस फार्म के तीन भाग हैं। एक भाग पर केमिस्ट या वैद्य टीबी संभावित लक्षणों वाले मरीज की पूरी जानकारी लिखेगा। इसकी एक कॉपी अपने पास रखेगा, दूसरी कॉपी विभाग को देंगा। तीसरी कॉपी मरीज के पास रहेगी। इसे दिखाने पर सरकारी लैब में उसका टीबी को लेकर टेस्ट किया जाएगा। अब तक तीन केमिस्ट दुकानों से संभावित मरीजों को रेफर कर तीन टीबी रोगियों की पहचान करवा चुके हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों से वैद्य-हकीम भी टीबी के संभावित मरीजों को टेस्ट के लिए चंबा रेफर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह निर्देश स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के निजी क्लीनिकों से लेकर आयुर्वेदिक क्लीनिक और अस्पतालों को भी दिए गए हैं। अब इन संस्थानों में कोई भी टीबी संभावित लक्षण वाला मरीज इलाज के लिए जाएगा तो सबसे पहले उसका टीबी टेस्ट करवाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें समय-समय पर वैद हकीमों के पास जाकर भी टीबी संभावित मरीजों का डाटा ले रही हैं। उधर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि टीबी मरीजों का पता लगाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। केमिस्ट से लेकर वैद्य-हकीम टीबी संभावित लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें रेफर करेंगे।
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