पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर में बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए आफत बनकर बरसी है। सेब और मटर की फसल बर्फबारी की वजह से तबाह हो गई। पांगी और भरमौर में इन दिनों मटर की फसल की बिजाई का कार्य चला हुआ था जबकि सेब के पौधों में फ्लावरिंग का सीजन है। बर्फबारी से मटर की तीस प्रतिशत फसल बरबाद हो गई जबकि, 25 प्रतिशत सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। कोरोना महामारी की मार झेल रहे बागवानों और किसानों को बर्फबारी की वजह से आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले वर्ष लॉकडाउन की वजह से किसान-बागवान अपनी फसल को मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे, जिसकी वजह से उन्हें पिछले साल भी घाटा उठाना पड़ा था। इस वर्ष अपने घाटे की भरपाई की योजना बनाई थी लेकिन बर्फबारी और बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पांगी में खेत बर्फ से पूरी तरह ढक चुके हैं। किसानों-बागवानों ने सरकार और प्रशासन से फसलों को हुए नुकसान के बदले आर्थिक सहायता देने की मांग की है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक सुशील अवस्थी ने बताया कि जिले में बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से बागवानों को 25 प्रतिशत नुकसान हुआ है।