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Chamba News: एक माह से टेस्ट करवाने के लिए धक्के खा रहे मरीज
Wed, 02 Aug 2023 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 02 Aug 2023 11:20 PM IST
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चंबा। दिन बुधवार। स्थान चंबा मेडिकल कॉलेज। सरकारी लैब में मरीज टेस्ट करवाने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन यहां टेस्ट न होने से वे निजी लैबों का रुख कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की सरकारी लैब में थायराइड, सीबीसी, यूरिन कल्चर के टेस्ट एक माह से बंद पड़े हैं। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हैं। सुबह 10:00 बजे सरकारी लैब में मात्र लैब तकनीशियन बैठे हैं। यहां से मरीजों को टेस्ट न होने के बारे में बताया जा रहा है। इसके बाद क्रस्ना लैब में मरीज कतारों में खड़े होकर अपना टेस्ट करवा रहे हैं। यहां मरीजों को अपना टेस्ट करवाने के लिए शुल्क चुकाना पड़ रहा है। जो टेस्ट सरकारी लैब में मुफ्त हाेते हैं उसके मरीज निजी लैबों में 500 से 700 रुपये चुका रहे हैं। क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के बाद मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकारी लैब को मरीजों की सुविधा के लिए खोला गया है लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज की लैब में मरीजों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मरीज काफी परेशान हैं। -चीनो देवी, तेलका निवासी।
ओपीडी में जांच करवाने के उपरांत जब मरीज सरकारी लैब में टेस्ट के लिए जाता है तो उसे वहां पर कहा जाता है कि टेस्ट के लिए जरूरी सामान खत्म है। इस सामान को प्रबंधन उपलब्ध करवाने में लापरवाही दिखा रहा है। -मीना देवी, हिमगिरी निवासी।
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सरकारी अस्पताल में मरीजों को मुफ्त टेस्ट करवाने की सुविधा सरकार ने दे रखी है लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। -लेहरू राम, डियुर निवासी।
मरीजों को कई जरूरी टेस्ट निजी लैबों में 500 से 1000 रुपये चुकाकर करवाने पड़ रहे हैं जबकि सरकारी लैब में ये टेस्ट मुफ्त या तो 200 रुपये के बीच में होने थे। इसमें साफतौर पर प्रबंधन की लापरवाही है। -हंसराज, सालवां निवासी।
चिकित्सा उप अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी लैब में मरीजों के बंद टेस्ट शुरू करवाने की व्यवस्था करवाई जा रही है।
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सरकारी लैब को मरीजों की सुविधा के लिए खोला गया है लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज की लैब में मरीजों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मरीज काफी परेशान हैं। -चीनो देवी, तेलका निवासी।
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ओपीडी में जांच करवाने के उपरांत जब मरीज सरकारी लैब में टेस्ट के लिए जाता है तो उसे वहां पर कहा जाता है कि टेस्ट के लिए जरूरी सामान खत्म है। इस सामान को प्रबंधन उपलब्ध करवाने में लापरवाही दिखा रहा है। -मीना देवी, हिमगिरी निवासी।
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सरकारी अस्पताल में मरीजों को मुफ्त टेस्ट करवाने की सुविधा सरकार ने दे रखी है लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। -लेहरू राम, डियुर निवासी।
मरीजों को कई जरूरी टेस्ट निजी लैबों में 500 से 1000 रुपये चुकाकर करवाने पड़ रहे हैं जबकि सरकारी लैब में ये टेस्ट मुफ्त या तो 200 रुपये के बीच में होने थे। इसमें साफतौर पर प्रबंधन की लापरवाही है। -हंसराज, सालवां निवासी।
चिकित्सा उप अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी लैब में मरीजों के बंद टेस्ट शुरू करवाने की व्यवस्था करवाई जा रही है।