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Chamba News: पांगी की गर्भवतियों को कुल्लू, चंबा में करवाना पड़ रहा प्रसव
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के नागरिक अस्पताल किलाड़ में महिला रोग विशेषज्ञ का पद आज तक नहीं भरा गया है। इस कारण गर्भवतियों और अन्य बीमार महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ से इलाज करवाने के लिए 200 किलोमीटर दूर कुल्लू या 175 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ता है।
अस्पताल के सर्जन कई बार आपातकाल में प्रसव भी करवा चुके हैं, लेकिन यह जोखिम भरा रहता है। हालांकि प्रसव को करवाने के लिए सर्जन टांडा मेडिकल कॉलेज से महिला रोग विशेषज्ञ से ऑनलाइन परामर्श लेते हैं। फिर भी यह प्रक्रिया महिला और बच्चे के लिए जोखिम भरी है। इसलिए लोग कुल्लू और चंबा इलाज के लिए मजबूर होकर जाते हैं। स्थानीय निवासी चैन सिंह, रवि कुमार, हंसराज, केवल कुमार, प्रकाश चंद, धर्म चंद और मनोज कुमार ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। जहां की भोगोलिक परिस्थितियां काफी विपरीत हैं। सर्दियों के दौरान पांगी घाटी शेष दुनिया से कट जाती है।
ऐसे में जहां घाटी की दूर-दराज पंचायतों के लोगों को तो किलाड़ तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है वे कुल्लू और चंबा की दूरी किसी भी सूरत में तय नहीं सकते। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि किलाड़ अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए ताकि महिलाओं को अपना इलाज करवाने के लिए कुल्लू और चंबा की दौड़ न लगानी पड़े।
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महिला रोग विशेषज्ञ की अस्पताल में कमी चल रही है। इस बारे में सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही यहां विशेषज्ञ की नियुक्ति करेगी।
डाॅ. सुभाष चौहान, खंड चिकित्सा अधिकारी, किलाड़
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अस्पताल के सर्जन कई बार आपातकाल में प्रसव भी करवा चुके हैं, लेकिन यह जोखिम भरा रहता है। हालांकि प्रसव को करवाने के लिए सर्जन टांडा मेडिकल कॉलेज से महिला रोग विशेषज्ञ से ऑनलाइन परामर्श लेते हैं। फिर भी यह प्रक्रिया महिला और बच्चे के लिए जोखिम भरी है। इसलिए लोग कुल्लू और चंबा इलाज के लिए मजबूर होकर जाते हैं। स्थानीय निवासी चैन सिंह, रवि कुमार, हंसराज, केवल कुमार, प्रकाश चंद, धर्म चंद और मनोज कुमार ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। जहां की भोगोलिक परिस्थितियां काफी विपरीत हैं। सर्दियों के दौरान पांगी घाटी शेष दुनिया से कट जाती है।
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ऐसे में जहां घाटी की दूर-दराज पंचायतों के लोगों को तो किलाड़ तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है वे कुल्लू और चंबा की दूरी किसी भी सूरत में तय नहीं सकते। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि किलाड़ अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए ताकि महिलाओं को अपना इलाज करवाने के लिए कुल्लू और चंबा की दौड़ न लगानी पड़े।
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महिला रोग विशेषज्ञ की अस्पताल में कमी चल रही है। इस बारे में सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही यहां विशेषज्ञ की नियुक्ति करेगी।
डाॅ. सुभाष चौहान, खंड चिकित्सा अधिकारी, किलाड़