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नए रोस्टर ने खाली करवा दिया कुठेड़ पंचायत का चार नंबर वार्ड
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा
Updated Sat, 07 Nov 2015 10:51 PM IST
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पंचायत आरक्षण रोस्टर के लिए आधार बनाए गए 2010 के चुनाव ने सबकुछ उलटा-पलटा कर दिया है। जनजातीय क्षेत्र होली में रोस्टर की वजह से कुठेड़ पंचायत के वार्ड नंबर चार में चुनाव मुश्किल हो गए हैं। नए रोस्टर में इस पंचायत को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि यहां अनुसूचित जाति से संबंधित एक भी परिवार नहीं है।
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इस वार्ड में सभी लोग अनुसूचित जनजाति के हैं। दरअसल, कुठेड़ पंचायत में वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर तीन अनुसूचित जाति और वार्ड नंबर चार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित था जिसे अबके चुनावों में बदल दिया गया है।
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अब वार्ड नंबर चार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और वार्ड नंबर तीन अनुसूचित जनजाति के लिए। इस बदलाव का तीन नंबर वार्ड पर तो ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन चार नंबर वार्ड में चुनाव लड़ने वालों के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इस बात का खुलासा शनिवार को उस समय हुआ जब वार्ड से नामांकन भरने पहुंची महिलाओं को वापस लौटा दिया गया।
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अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिलाएं कंचना देवी, रचना, उर्मिला, विमला देवी नामांकन भरने पहुंची थीं लेकिन उन्हें वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की बात कहकर वापस लौटा दिया गया। महिलाओं का कहना है कि रोस्टर जारी करने में देरी की वजह से यह नुकसान हुआ है। यदि समय रहते रोस्टर जारी होता तो वे इस बारे में अपील कर सकती थीं लेकिन अब अपील भी नहीं हो पाएगी। वार्ड चार से वर्तमान सदस्य सुदर्शन का कहना है कि जब इस वार्ड से एससी वर्ग से कोई परिवार एवं प्रत्याशी ही नहीं है तो चुनाव कैसे होगा समझ नहीं आता।
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रोस्टर के आधार पर आरक्षण : भारद्वाज
उधर, नायब तहसीलदार होली ज्ञान चंद भारद्वाज का कहना है कि रोस्टर के आधार पर ही आरक्षण तय हुआ है। यह रोस्टर सभी बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि उनका काम रोस्टर को लागू करना है और वे इसे अंजाम दे रहे हैं।