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अवैध कब्जे के आरोपी लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव
राकेश शर्मा /अमर उजाला, चंबा
Updated Thu, 05 Nov 2015 04:52 PM IST
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पंचायत चुनाव से ठीक पहले अवैध कब्जों से जुड़े मामलों के आरोपियों के लिए राहत भरी खबर है। अवैध कब्जों के आरोपी कब्जाधारकों के आरोपी जो दोषी साबित नहीं हुए हैं, वे सब चुनाव लड़ पाएंगे।
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जिन लोगों को तहसील स्तर के अधिकारी ने दोषी करार दिया है लेकिन उन्होंने एसडीएम कोर्ट में अपील दायर की है, वे भी चुनाव लड़ने के हकदार होंगे। हालांकि, चुनाव लड़ने में जीतने के बावजूद इनके केस साथ-साथ चलते रहेंगे और केस की सुनवाई पूरी होने के बाद दोषी ठहराए जाने पर उन्हें अपना पद तक छोड़ना होगा।
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पंचायत चुनाव में अवैध कब्जों के आरोपी या अपील में चल रहे हैं या जिनके फैसले आना बाकी हैं, वे चुनाव से बाहर नहीं होंगे। भरमौर विधानसभा क्षेत्र में हाल के दिनों में डेढ़ हजार से ज्यादा कब्जाधारकों की सूची तैयार हुई है। यह सूची पटवारी और कानूनगो स्तर पर बनी है।
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इसमें ज्यादातर कब्जे वन भूमि में आते हैं। अब इन सभी डेढ़ हजार लोगों समेत जिला के अवैध कब्जे के मामले झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी।
लंबित मामलों में लड़ पाएंगे चुनाव : एसडीएम
भरमौर के एसडीएम डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि अवैध कब्जे का दोष जब तक साबित नहीं हो जाता, तब तक आरोपी चुनाव लड़ सकते हैं। तहसील स्तर पर दोषी व्यक्ति एसडीएम के पास अपील में गए व्यक्ति भी चुनाव लड़ने के हकदार होंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग दोषी साबित हो चुके हैं, उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया जाएगा।
शपथपत्र में देनी होगी जानकारी
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को एसडीएम के पास शपथपत्र देना होगा। इसमें उन पर चल रहे सभी मामलों का ब्योरा शामिल रहेगा। शपथपत्र में व्यक्ति के अवैध कब्जों से जुड़े मामले और उनकी मौजूदा स्थिति भी सार्वजनिक करेगा।