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Chamba News: पहाड़ी थाली ने रेडक्रॉस मेले में बिखेरा देसी जायका
Sat, 24 Oct 2026 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 24 Oct 2026 10:46 PM IST
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रेड क्रॉस मेले में मक्की की रोटी बनाती महिला ओर उसका आंनद लेते लोग : संवाद
पहली बार सजा मक्की की रोटी का स्टॉल, बिच्छुबूटी के साग और चुकंदर के मोमो ने भी लुभाया
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने परोसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मोमो और सिड्डू के बीच मक्की की रोटी और बिच्छुबूटी के साग ने चंबा चौगान में आयोजित रेडक्रॉस मेले में खूब रंग जमाया। मेले में पहली बार मक्की की रोटी का स्टॉल लगाया गया।
पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के साथ चुकंदर के मोमो ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देसी जायके से सजी थाली लोगों को पहाड़ की पुरानी रसोई के स्वाद से रूबरू करवाती नजर आई।
नगर परिषद के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने यह पहल की। स्टॉल पर मक्की की रोटी के साथ सरसों का साग और पहाड़ में पारंपरिक रूप से खाए जाने वाले बिच्छुबूटी के साग का स्वाद चखने का अवसर मिला। वहीं, चुकंदर के मोमो और सिड्डू ने पारंपरिक खानपान के साथ नए स्वाद का मेल पेश किया।
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समूह की महिलाओं निधि, समृद्धि और सुमित्रा ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें अपने हुनर को पहचान दिलाने और आजीविका के अवसर तलाशने में मदद मिल रही है। पारंपरिक व्यंजनों को मेले में पेश करने का उद्देश्य लोगों तक पहाड़ी खानपान का स्वाद पहुंचाना और इसके जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने परोसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मोमो और सिड्डू के बीच मक्की की रोटी और बिच्छुबूटी के साग ने चंबा चौगान में आयोजित रेडक्रॉस मेले में खूब रंग जमाया। मेले में पहली बार मक्की की रोटी का स्टॉल लगाया गया।
पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के साथ चुकंदर के मोमो ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देसी जायके से सजी थाली लोगों को पहाड़ की पुरानी रसोई के स्वाद से रूबरू करवाती नजर आई।
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नगर परिषद के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने यह पहल की। स्टॉल पर मक्की की रोटी के साथ सरसों का साग और पहाड़ में पारंपरिक रूप से खाए जाने वाले बिच्छुबूटी के साग का स्वाद चखने का अवसर मिला। वहीं, चुकंदर के मोमो और सिड्डू ने पारंपरिक खानपान के साथ नए स्वाद का मेल पेश किया।
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समूह की महिलाओं निधि, समृद्धि और सुमित्रा ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें अपने हुनर को पहचान दिलाने और आजीविका के अवसर तलाशने में मदद मिल रही है। पारंपरिक व्यंजनों को मेले में पेश करने का उद्देश्य लोगों तक पहाड़ी खानपान का स्वाद पहुंचाना और इसके जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।