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Chamba News: बैंक प्रबंधन को एक लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित देने के आदेश
Thu, 26 Mar 2026 10:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 26 Mar 2026 10:21 PM IST
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ग्राहक को 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमे पर खर्च 10 हजार रुपये भी देगा बैंक
जिला उपभोक्ता आयोग का फैसला, ग्राहक के बजाय दूसरे खाते में डाल दिया था चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एक लाख रुपये का चेक ग्राहक के बजाय दूसरे खाते में डालने के मामले में बैंक प्रबंधन पर जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने शिकंजा कस दिया है।
आयोग ने बैंक प्रबंधन को एक लाख रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन को शिकायतकर्ता को 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च हुई 10 हजार रुपये की राशि भी देनी होगी।
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत में पहुंचे मामले में पीड़ित मुकेश ने बताया कि 10 मई 2023 को उन्होंने बैंक खाता में एक लाख रुपये हस्तांतरित करने के लिए आवेदन किया। बैंक कर्मचारी ने उनका फॉर्म स्वीकार किया। बाद में शिकायतकर्ता को सूचित किया कि राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई है। जब इच्छित लाभार्थी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि राशि उनके खाते में जमा नहीं हुई है। उन्होंने समय न गंवाते हुए तुरंत बैंक की शाखा में पहुंचकर पैसे का लेन-देन करने की जानकारी मांगी। बैंक शाखा में जांच करने पर पता चला कि धनराशि राजस्थान निवासी एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई है। इस लापरवाही को लेकर जब उन्होंने बैंक अधिकारी को बताया तो कर्मचारियों ने उल्टा उन्हें ही गलत बैंक खाता भरने की बात कहकर लौटा दिया। वह मायूस होकर लौट गए। अगले दिन उन्होंने बैंक शाखा में गलत तरीके से भेजे पैसे वापस लेने और उनका खाता बंद करने के लिए आवेदन किया। बैंक के कई चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिला और न ही पैसे वापस मिले। ऐसे में उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। अब आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने बैंक प्रबंधन को एक लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ता को 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च हुए 10 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
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जिला उपभोक्ता आयोग का फैसला, ग्राहक के बजाय दूसरे खाते में डाल दिया था चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एक लाख रुपये का चेक ग्राहक के बजाय दूसरे खाते में डालने के मामले में बैंक प्रबंधन पर जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने शिकंजा कस दिया है।
आयोग ने बैंक प्रबंधन को एक लाख रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन को शिकायतकर्ता को 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च हुई 10 हजार रुपये की राशि भी देनी होगी।
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जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत में पहुंचे मामले में पीड़ित मुकेश ने बताया कि 10 मई 2023 को उन्होंने बैंक खाता में एक लाख रुपये हस्तांतरित करने के लिए आवेदन किया। बैंक कर्मचारी ने उनका फॉर्म स्वीकार किया। बाद में शिकायतकर्ता को सूचित किया कि राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई है। जब इच्छित लाभार्थी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि राशि उनके खाते में जमा नहीं हुई है। उन्होंने समय न गंवाते हुए तुरंत बैंक की शाखा में पहुंचकर पैसे का लेन-देन करने की जानकारी मांगी। बैंक शाखा में जांच करने पर पता चला कि धनराशि राजस्थान निवासी एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई है। इस लापरवाही को लेकर जब उन्होंने बैंक अधिकारी को बताया तो कर्मचारियों ने उल्टा उन्हें ही गलत बैंक खाता भरने की बात कहकर लौटा दिया। वह मायूस होकर लौट गए। अगले दिन उन्होंने बैंक शाखा में गलत तरीके से भेजे पैसे वापस लेने और उनका खाता बंद करने के लिए आवेदन किया। बैंक के कई चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिला और न ही पैसे वापस मिले। ऐसे में उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। अब आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने बैंक प्रबंधन को एक लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ता को 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च हुए 10 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
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