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Chamba News: फाइनेंस कंपनी को 35,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश
Mon, 11 May 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 11 May 2026 10:54 PM IST
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बाइक की किस्तें चुकता करने के तीन साल बाद भी नहीं दी एनओसी
फाइनेंस लिमिटेड कंपनी पर जिला उपभोक्ता आयोग ने कसा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बाइक की किस्तें चुकाने के बाद भी तीन साल एनओसी न देना फाइनेंस लिमिटेड कंपनी पर भारी पड़ गया है। कंपनी पर उपभोक्ता जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकंजा कस दिया है।
अदालत की ओर से फाइनेंस कंपनी को 35,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। फाइनेंस कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे। उपभोक्ता आयोग में पहुंचे मामले में पीड़ित ने बताया कि 13 अगस्त 2022 में किस्तों पर डिस्कवर बाइक खरीदी।
उन्होंने बताया कि बीच में किसी कारण उसकी किस्तों की अदायगी नहीं हो पाई लेकिन बाद में उसने किस्तों की अदायगी कर दी। बाइक की किस्तें पूरी होने पर जब वह एनओसी लेने के लिए फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के पास पहुंचे तो उन्होंने एनओसी देने से साफ मना कर दिया। फाइनेंस कंपनी ने तर्क दिया कि उसने किस्तों की अदायगी पूरी नहीं की है। किस्त जमा करने के समस्त सबूत दिखाने के बाद भी कंपनी ने एनओसी देने से मना कर दिया। आखिरकार थक हार कर उन्होंने जिसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका लगाई। याचिका के तहत विभिन्न गवाहों और सबूतों के आधार पर अब अदालत ने फाइनेंस कंपनी अदालत की ओर से फाइनेंस कंपनी को 35,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। फाइनेंस कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे।
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फाइनेंस लिमिटेड कंपनी पर जिला उपभोक्ता आयोग ने कसा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बाइक की किस्तें चुकाने के बाद भी तीन साल एनओसी न देना फाइनेंस लिमिटेड कंपनी पर भारी पड़ गया है। कंपनी पर उपभोक्ता जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकंजा कस दिया है।
अदालत की ओर से फाइनेंस कंपनी को 35,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। फाइनेंस कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे। उपभोक्ता आयोग में पहुंचे मामले में पीड़ित ने बताया कि 13 अगस्त 2022 में किस्तों पर डिस्कवर बाइक खरीदी।
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उन्होंने बताया कि बीच में किसी कारण उसकी किस्तों की अदायगी नहीं हो पाई लेकिन बाद में उसने किस्तों की अदायगी कर दी। बाइक की किस्तें पूरी होने पर जब वह एनओसी लेने के लिए फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के पास पहुंचे तो उन्होंने एनओसी देने से साफ मना कर दिया। फाइनेंस कंपनी ने तर्क दिया कि उसने किस्तों की अदायगी पूरी नहीं की है। किस्त जमा करने के समस्त सबूत दिखाने के बाद भी कंपनी ने एनओसी देने से मना कर दिया। आखिरकार थक हार कर उन्होंने जिसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका लगाई। याचिका के तहत विभिन्न गवाहों और सबूतों के आधार पर अब अदालत ने फाइनेंस कंपनी अदालत की ओर से फाइनेंस कंपनी को 35,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। फाइनेंस कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे।
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