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Chamba News: सिर्फ एक सांस्कृतिक संध्या का कलाकार हुआ फाइनल
Sat, 27 Jul 2024 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 27 Jul 2024 10:08 PM IST
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मिंजर लोगो
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की आठ सांस्कृतिक संध्याओं में से शनिवार तक सिर्फ अंतिम सांस्कृतिक संध्या के कलाकार का नाम ही फाइनल हो पाया है।
शेष सात सांस्कृतिक संध्याओं में कौन कलाकार प्रस्तुति देंगे, इस बारे में अभी प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। प्रशासन ने सांस्कृतिक संध्याओं में मुख्यातिथि तो फाइनल कर दिया है, लेकिन मेला शुरू होने से एक दिन पहले प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि कौन कलाकार प्रस्तुति देगा। संवाद
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रात को सांस्कृतिक संध्याएं, दिन में होंगी खेलेंचंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान ऐतिहासिक चौगान में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। दिन में हॉकी और फुटबाल के मुकाबले में भी खेले जाएंगे। चौगान में व्यापारिक गतिविधियों के लिए तीन पंडाल स्थापित किए गए हैं। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। चौगान नंबर दो में खाद्य पदार्थाें के स्टॉल रहेंगे। चौगान नंबर तीन में बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा चौगान नंबर चार में रेहड़ी-फड़ियां लगेंगी। संवाद
-- चौगान से प्रशासन को 3,08,12,650 की आय
ऐतिहासिक चंबा नंबर एक 1,96,13,313 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ है। चौगान नंबर दो 53,13, 313 लाख, चौगान नंबर-तीन 41 लाख 56 हजार 24 रुपये में और चौगान नंबर चार 17 लाख 30 हजार में मिंजर मेले के लिए नीलाम हुआ है। प्रशासन को चौगानों से 3,08,12650 रुपये की आय हुई है।
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मोती पिरोकर मिर्जा परिवार तैयार करता है मिंजर
पुरानी परंपरा के अनुसार मिर्जा परिवार मोती पिरोकर मिंजर तैयार करता है। भगवान लक्ष्मीनाथ और रघुनाथ को मिंजर मिर्जा अर्पित करता है। अन्य मंदिरों में भी मिंजर चढ़ाई जाती है। मिर्जा परिवार के वरिष्ठ सदस्य एजाज मिर्जा ने बताया कि एक मिंजर तैयार करने में 15 से बीस मिनट का समय लगता है। मिंजर मेला आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है।
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मिंजर मेले में पार्किंग के लिए पुलिस मैदान बारगाह निर्धारित किया गया है। जहां पुलिस विभाग की ओर से पार्किंग की व्यवस्था लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी।
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शेष सात सांस्कृतिक संध्याओं में कौन कलाकार प्रस्तुति देंगे, इस बारे में अभी प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। प्रशासन ने सांस्कृतिक संध्याओं में मुख्यातिथि तो फाइनल कर दिया है, लेकिन मेला शुरू होने से एक दिन पहले प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि कौन कलाकार प्रस्तुति देगा। संवाद
रात को सांस्कृतिक संध्याएं, दिन में होंगी खेलेंचंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान ऐतिहासिक चौगान में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। दिन में हॉकी और फुटबाल के मुकाबले में भी खेले जाएंगे। चौगान में व्यापारिक गतिविधियों के लिए तीन पंडाल स्थापित किए गए हैं। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। चौगान नंबर दो में खाद्य पदार्थाें के स्टॉल रहेंगे। चौगान नंबर तीन में बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा चौगान नंबर चार में रेहड़ी-फड़ियां लगेंगी। संवाद
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ऐतिहासिक चंबा नंबर एक 1,96,13,313 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ है। चौगान नंबर दो 53,13, 313 लाख, चौगान नंबर-तीन 41 लाख 56 हजार 24 रुपये में और चौगान नंबर चार 17 लाख 30 हजार में मिंजर मेले के लिए नीलाम हुआ है। प्रशासन को चौगानों से 3,08,12650 रुपये की आय हुई है।
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मोती पिरोकर मिर्जा परिवार तैयार करता है मिंजर
पुरानी परंपरा के अनुसार मिर्जा परिवार मोती पिरोकर मिंजर तैयार करता है। भगवान लक्ष्मीनाथ और रघुनाथ को मिंजर मिर्जा अर्पित करता है। अन्य मंदिरों में भी मिंजर चढ़ाई जाती है। मिर्जा परिवार के वरिष्ठ सदस्य एजाज मिर्जा ने बताया कि एक मिंजर तैयार करने में 15 से बीस मिनट का समय लगता है। मिंजर मेला आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है।
मिंजर मेले में पार्किंग के लिए पुलिस मैदान बारगाह निर्धारित किया गया है। जहां पुलिस विभाग की ओर से पार्किंग की व्यवस्था लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी।