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चंबा के 13 सरकारी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी ने नहीं लिया प्रवेश
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चंबा। जिले में चल रही 13 प्राथमिक पाठशालाओं में एक भी विद्यार्थी नहीं है। इस बात का खुलासा प्रदेश सरकार को शिक्षा विभाग की ओर से भेजी रिपोर्ट में हुआ है।
जिला चंबा में करीब 1200 प्राथमिक पाठशालाएं सरकार ने नौनिहालों को घर द्वार शिक्षा मुहैया करवाने के मकसद से खोली हैं। मगर इन स्कूलों में एक भी विद्यार्थी न होने से ताले लटकने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड बनीखेत की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चूहन, चुवाड़ी शिक्षा खंड का कालाफाट, सिहुंता ब्लॉक की पुखरेड, बगगा, चिमड़ी, भरवाली, शिक्षा खंड गरोला का काल्ह, क्यूर, गरोह, सुरेई, उमा, गुआड़, ग्रोंडा स्कूल शामिल हैं। जहां एक भी विद्यार्थी पंजीकृत नहीं है। इस कारण इन स्कूलों के बंद होने का खतरा मंडरा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीणों की मांग पर घर द्वार स्कूल खोले गए हैं। मगर इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है। ऐसे में सरकार को भी परेशानियां पेश आ रही हैं।
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जिले की 13 प्राथमिक पाठशालाओं में एक भी विद्यार्थी नहीं है। कहा कि सरकार की ओर से इस बारे में ब्योरा मांगा गया था। रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। उन्होंने बताया कि सरकार के आगामी निर्देशों का इंतजार है।
-सुरेश शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक
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जिला चंबा में करीब 1200 प्राथमिक पाठशालाएं सरकार ने नौनिहालों को घर द्वार शिक्षा मुहैया करवाने के मकसद से खोली हैं। मगर इन स्कूलों में एक भी विद्यार्थी न होने से ताले लटकने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड बनीखेत की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चूहन, चुवाड़ी शिक्षा खंड का कालाफाट, सिहुंता ब्लॉक की पुखरेड, बगगा, चिमड़ी, भरवाली, शिक्षा खंड गरोला का काल्ह, क्यूर, गरोह, सुरेई, उमा, गुआड़, ग्रोंडा स्कूल शामिल हैं। जहां एक भी विद्यार्थी पंजीकृत नहीं है। इस कारण इन स्कूलों के बंद होने का खतरा मंडरा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीणों की मांग पर घर द्वार स्कूल खोले गए हैं। मगर इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है। ऐसे में सरकार को भी परेशानियां पेश आ रही हैं।
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जिले की 13 प्राथमिक पाठशालाओं में एक भी विद्यार्थी नहीं है। कहा कि सरकार की ओर से इस बारे में ब्योरा मांगा गया था। रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। उन्होंने बताया कि सरकार के आगामी निर्देशों का इंतजार है।
-सुरेश शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक