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Chamba News: गूंगयास जंगल में अवैध कटान में संबंधित बीट अफसर और वन रक्षक सस्पेंड
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चंबा। विधानसभा क्षेत्र चुराह के गूंगयास जंगल में अवैध कटान मामले में वन विभाग ने बीट अफसर और वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई जांच करने गई टीम की रिपोर्ट के बाद की गई है।
जांच में पाया गया कि लॉट के लिए चिह्नित पेडों की निशानदेही करने में इन कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है। इसकी वजह से अवैध कटान हुआ। इसी आधार पर विभाग ने उन पर कार्रवाई की है। जंगल में कितने देवदार के पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। इसे लेकर अभी तक समीक्षा की जा रही है। अब तक की गई जांच में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही नजर आई है। इसके चलते विभाग ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही इस मामले की जांच भी तेज कर दी है।
कुछ दिन पहले वन विभाग के पास गूंगयास जंगल में अवैध कटान होने की शिकायत पहुंची थी। शिकायत मिलने पर वन विभाग ने इसकी जांच बिठा दी है। वनमंडलाधिकारी चंबा की अगुवाई में चार टीमें तीन दिन तक जंगल में अवैध कटान को लेकर जांच पड़ताल करती रहीं। इन टीमों की रिपोर्ट की पूरी समीक्षा करने के उपरांत जांच अधिकारी ने एक रिपोर्ट बनाई। उसे मुख्य वन अरण्यपाल चंबा को सौंपा। मुख्य वन अरण्यपाल ने जांच रिपोर्ट को देखकर संबंधित बीट के अफसर और वन रक्षक को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।
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जंगल में वन निगम को देवदार के 1800 पेड़ों को काटने का लॉट जारी हुआ था। इसके चलते जंगल में पेड़ों को काटने का काम चल रहा था। 1700 के करीब पेड़ काटे जा चुके हैं। इसी दौरान जंगल के आस पास रहने वाले लोगों ने वन विभाग के पास शिकायत दी कि जंगल में लॉट के अलावा अवैध रूप से देवदार के पेड़ काटे गए हैं। इसे लेकर मुख्य वन अरण्यपाल ने तुरंत मामले की जांच करने के लिए टीम गठित की। और जंगल में पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के आदेश दिए। इस पर टीम ने जंगल का औचक निरीक्षण किया और रिपोर्ट बनाकर मुख्य वन अरण्यपाल को भेजी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं, इस मामले में वन मंडल अधिकारी चुराह भी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं कि आखिरकार कर्मचारियों ने इस प्रकार की लापरवाही कैसे की।
मुख्य वन अरण्यपाल पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीओ और वन रक्षक को सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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जांच में पाया गया कि लॉट के लिए चिह्नित पेडों की निशानदेही करने में इन कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है। इसकी वजह से अवैध कटान हुआ। इसी आधार पर विभाग ने उन पर कार्रवाई की है। जंगल में कितने देवदार के पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। इसे लेकर अभी तक समीक्षा की जा रही है। अब तक की गई जांच में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही नजर आई है। इसके चलते विभाग ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही इस मामले की जांच भी तेज कर दी है।
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कुछ दिन पहले वन विभाग के पास गूंगयास जंगल में अवैध कटान होने की शिकायत पहुंची थी। शिकायत मिलने पर वन विभाग ने इसकी जांच बिठा दी है। वनमंडलाधिकारी चंबा की अगुवाई में चार टीमें तीन दिन तक जंगल में अवैध कटान को लेकर जांच पड़ताल करती रहीं। इन टीमों की रिपोर्ट की पूरी समीक्षा करने के उपरांत जांच अधिकारी ने एक रिपोर्ट बनाई। उसे मुख्य वन अरण्यपाल चंबा को सौंपा। मुख्य वन अरण्यपाल ने जांच रिपोर्ट को देखकर संबंधित बीट के अफसर और वन रक्षक को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।
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जंगल में वन निगम को देवदार के 1800 पेड़ों को काटने का लॉट जारी हुआ था। इसके चलते जंगल में पेड़ों को काटने का काम चल रहा था। 1700 के करीब पेड़ काटे जा चुके हैं। इसी दौरान जंगल के आस पास रहने वाले लोगों ने वन विभाग के पास शिकायत दी कि जंगल में लॉट के अलावा अवैध रूप से देवदार के पेड़ काटे गए हैं। इसे लेकर मुख्य वन अरण्यपाल ने तुरंत मामले की जांच करने के लिए टीम गठित की। और जंगल में पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के आदेश दिए। इस पर टीम ने जंगल का औचक निरीक्षण किया और रिपोर्ट बनाकर मुख्य वन अरण्यपाल को भेजी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं, इस मामले में वन मंडल अधिकारी चुराह भी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं कि आखिरकार कर्मचारियों ने इस प्रकार की लापरवाही कैसे की।
मुख्य वन अरण्यपाल पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीओ और वन रक्षक को सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।