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Chamba News: सरकारी जमीन पर कब्जे ने तोड़ा चुनाव लड़ने का सपना
Wed, 13 May 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 13 May 2026 11:04 PM IST
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चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत के तीन प्रत्याशी घोषित किए अयोग्य
दो प्रत्याशियों ने उपप्रधान और एक ने वार्ड सदस्य के लिए भरा था पर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा होने ने पंचायत चुनाव के समर में उतरे तीन प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिर गया।
तीनों उम्मीदवार अयोग्य घोषित कर दिए गए हैं। इन उम्मीदवारों में से दो ने उपप्रधान और एक ने एक वार्ड सदस्य पद के लिए नामांकन भरा था।
पंचायत संसद के लिए उपप्रधान और वार्ड सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दायर भी दायर कर दिए थे। इसके बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे होने के आरोपों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। प्रदेश निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों से पूर्व ही विभिन्न प्रकार की शर्तों और नियमों के बारे में अवगत करवाया गया था। बावजूद इसके नियमों को धता बताकर चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को जोर का झटका लगा है।
पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों ने 7, 8 और 11 मई को नामांकन पत्र दाखिल किए। पंचायत प्रधान और सदस्य पदों के लिए पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ), पंचायत समिति के लिए तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार के पास और जिला परिषद सदस्य एमडीएम कार्यालय में एसडीएम के पास पर्चे दाखिल किए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक 12 मई को नामांकन पत्रों की छंटनी हुई। नामांकन दायर होने के बाद चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत में पंचायत उपप्रधान, वार्ड सदस्य के लिए चुनाव समर में उतरे तीन प्रत्याशियों के सरकारी भूमि पर कब्जा होने से उनके सपने पल भर में ही धूमिल हो गए।
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दो प्रत्याशियों ने उपप्रधान और एक ने वार्ड सदस्य के लिए भरा था पर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा होने ने पंचायत चुनाव के समर में उतरे तीन प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिर गया।
तीनों उम्मीदवार अयोग्य घोषित कर दिए गए हैं। इन उम्मीदवारों में से दो ने उपप्रधान और एक ने एक वार्ड सदस्य पद के लिए नामांकन भरा था।
पंचायत संसद के लिए उपप्रधान और वार्ड सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दायर भी दायर कर दिए थे। इसके बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे होने के आरोपों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। प्रदेश निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों से पूर्व ही विभिन्न प्रकार की शर्तों और नियमों के बारे में अवगत करवाया गया था। बावजूद इसके नियमों को धता बताकर चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को जोर का झटका लगा है।
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पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों ने 7, 8 और 11 मई को नामांकन पत्र दाखिल किए। पंचायत प्रधान और सदस्य पदों के लिए पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ), पंचायत समिति के लिए तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार के पास और जिला परिषद सदस्य एमडीएम कार्यालय में एसडीएम के पास पर्चे दाखिल किए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक 12 मई को नामांकन पत्रों की छंटनी हुई। नामांकन दायर होने के बाद चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत में पंचायत उपप्रधान, वार्ड सदस्य के लिए चुनाव समर में उतरे तीन प्रत्याशियों के सरकारी भूमि पर कब्जा होने से उनके सपने पल भर में ही धूमिल हो गए।
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