{"_id":"6ad3a7cd5010b51b0704bc68","slug":"a-19-year-old-bond-dissolves-in-tears-children-cling-to-their-teacher-and-weep-during-the-farewell-chamba-news-c-88-1-ssml1004-200215-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: आंसुओं में ढला 19 साल का रिश्ता, विदाई पर गुरुजी से लिपटकर रो पड़े नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: आंसुओं में ढला 19 साल का रिश्ता, विदाई पर गुरुजी से लिपटकर रो पड़े नौनिहाल
Sat, 17 Oct 2026 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 17 Oct 2026 10:45 PM IST
विज्ञापन
केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला मांजू से तबादले के दौरान बच्चों को गले लगाते अध्यापक। जागरूक पाठ
मांजू स्कूल में नरेंद्र खन्ना के तबादले पर भावुक हुए विद्यार्थी, गुरु-शिष्य के रिश्ते ने नम कीं सबकी आंखें
जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ स्थानांतरण, विद्यार्थियों का स्नेह देख भावुक हो गए मौके पर मौजूद ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्कूल की कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हुए 19 साल कब बीत गए, शायद शिक्षक नरेंद्र खन्ना को भी इसका अहसास नहीं हुआ होगा, लेकिन जब मांजू स्कूल से विदा होने का समय आया तो विद्यार्थियों के आंसुओं ने उनके साथ बिताए वर्षों की कहानी बयां कर दी।
कोई गुरुजी से लिपटकर रो पड़ा तो किसी की आंखें उन्हें जाते देख नम हो गईं। चुराह विधानसभा क्षेत्र की जसौरगढ़ पंचायत के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला (जीसीपीएस) मांजू में विदाई का यह पल गुरु-शिष्य के रिश्ते की गहराई दिखा गया।
नरेंद्र खन्ना ने इस पाठशाला में 19 वर्षों तक कनिष्ठ अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने न जाने कितने बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के साथ उनके भविष्य की नींव मजबूत करने में योगदान दिया। लंबे समय तक एक ही विद्यालय में रहने से विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव बन गया। ऐसे में उनके तबादले की खबर बच्चों के लिए भावुक कर देने वाली रही। विदाई के दौरान विद्यार्थियों का स्नेह देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
विज्ञापन
नरेंद्र का स्थानांतरण जीसीपीएस मांजू से जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ है। उन्होंने कहा कि मांजू में बिताए 19 साल उनके जीवन की अनमोल यादों में शामिल रहेंगे। गांववासियों से मिला प्यार, स्नेह और आशीर्वाद वह हमेशा याद रखेंगे। पाठशाला के लिए ग्रामीणों की ओर से मिले सहयोग और बच्चों के निस्वार्थ प्रेम को कभी नहीं भूल पाएंगे।
--
विज्ञापन
जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ स्थानांतरण, विद्यार्थियों का स्नेह देख भावुक हो गए मौके पर मौजूद ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्कूल की कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हुए 19 साल कब बीत गए, शायद शिक्षक नरेंद्र खन्ना को भी इसका अहसास नहीं हुआ होगा, लेकिन जब मांजू स्कूल से विदा होने का समय आया तो विद्यार्थियों के आंसुओं ने उनके साथ बिताए वर्षों की कहानी बयां कर दी।
कोई गुरुजी से लिपटकर रो पड़ा तो किसी की आंखें उन्हें जाते देख नम हो गईं। चुराह विधानसभा क्षेत्र की जसौरगढ़ पंचायत के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला (जीसीपीएस) मांजू में विदाई का यह पल गुरु-शिष्य के रिश्ते की गहराई दिखा गया।
विज्ञापन
नरेंद्र खन्ना ने इस पाठशाला में 19 वर्षों तक कनिष्ठ अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने न जाने कितने बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के साथ उनके भविष्य की नींव मजबूत करने में योगदान दिया। लंबे समय तक एक ही विद्यालय में रहने से विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव बन गया। ऐसे में उनके तबादले की खबर बच्चों के लिए भावुक कर देने वाली रही। विदाई के दौरान विद्यार्थियों का स्नेह देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
विज्ञापन
नरेंद्र का स्थानांतरण जीसीपीएस मांजू से जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ है। उन्होंने कहा कि मांजू में बिताए 19 साल उनके जीवन की अनमोल यादों में शामिल रहेंगे। गांववासियों से मिला प्यार, स्नेह और आशीर्वाद वह हमेशा याद रखेंगे। पाठशाला के लिए ग्रामीणों की ओर से मिले सहयोग और बच्चों के निस्वार्थ प्रेम को कभी नहीं भूल पाएंगे।