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Chamba News: मेडिकल कॉलेज में बढ़ी उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या
Fri, 26 Apr 2024 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 26 Apr 2024 10:16 PM IST
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मेडिकल कॉलेज चंबा के शिशु वार्ड में उपचाराधीन बच्चे। संवाद
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त वाले मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो रही है। इन मरीजाें में बच्चों की संख्या सबसे अधिक है।
दूषित पानी या खाना खाने की वजह से लोग उल्टी-दस्त का शिकार हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में खाना जल्दी दूषित हो जाता है। ऐसे में खाने को लेकर विशेष ध्यान रखना पड़ता है। पीने के पानी को लेकर भी एहतियात बरतनी पड़ती है। गर्मी के मौसम में बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर काफी तेजी के साथ गंदे पानी में पनप जाते हैं। चिकित्सक अस्पताल में आने वाले बच्चों के अभिभावकों को पानी उबालकर देने के लिए सलाह दे रहे हैं, क्योंकि उबालने से पानी में मौजूद संक्रमण खत्म हो जाता है। इससे बच्चे के बीमार होने की संभावना भी खत्म हो जाती है।
मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग ओपीडी और मेडिसन ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इन मरीजों में उल्टी-दस्त वाले मरीज अधिक हैं। शिशु रोग ओपीडी में 30 से 40 बच्चे उल्टी-दस्त के शिकार होकर उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा तबीयत खराब वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। रोजाना चार से पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। यही हाल मेडिसन ओपीडी का भी है। अस्पताल प्रबंधन ने गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त के मरीजों के इलाज को लेकर वार्डों में उचित व्यवस्था करवा दी है। वार्ड में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाकर रखी गई हैं। ऐसे मरीजों को अधिकतर ग्लूकोज ही दिया जाता है। जिसका स्टॉक प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल में उपलब्ध करवा दिया था।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि गर्मी के मौसम में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिन से मेडिकल कॉलेज में बच्चे बीमार होकर उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पीने के लिए सिर्फ उबला हुआ पानी ही दें।
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दूषित पानी या खाना खाने की वजह से लोग उल्टी-दस्त का शिकार हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में खाना जल्दी दूषित हो जाता है। ऐसे में खाने को लेकर विशेष ध्यान रखना पड़ता है। पीने के पानी को लेकर भी एहतियात बरतनी पड़ती है। गर्मी के मौसम में बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर काफी तेजी के साथ गंदे पानी में पनप जाते हैं। चिकित्सक अस्पताल में आने वाले बच्चों के अभिभावकों को पानी उबालकर देने के लिए सलाह दे रहे हैं, क्योंकि उबालने से पानी में मौजूद संक्रमण खत्म हो जाता है। इससे बच्चे के बीमार होने की संभावना भी खत्म हो जाती है।
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मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग ओपीडी और मेडिसन ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इन मरीजों में उल्टी-दस्त वाले मरीज अधिक हैं। शिशु रोग ओपीडी में 30 से 40 बच्चे उल्टी-दस्त के शिकार होकर उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा तबीयत खराब वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। रोजाना चार से पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। यही हाल मेडिसन ओपीडी का भी है। अस्पताल प्रबंधन ने गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त के मरीजों के इलाज को लेकर वार्डों में उचित व्यवस्था करवा दी है। वार्ड में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाकर रखी गई हैं। ऐसे मरीजों को अधिकतर ग्लूकोज ही दिया जाता है। जिसका स्टॉक प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल में उपलब्ध करवा दिया था।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि गर्मी के मौसम में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिन से मेडिकल कॉलेज में बच्चे बीमार होकर उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पीने के लिए सिर्फ उबला हुआ पानी ही दें।