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सेंटर लैब में मधुमेह के अलावा मरीजों के नहीं हो रहे अन्य कोई टेस्ट
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करीब 300 मरीजों को अपने जरूरी टेस्ट करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। इन मरीजों के टेस्ट करने वाली सेंटर लैब में केमिकल सहित अन्य इस्तेमाल होने वाला सामान खत्म हो चुका है। कुछ दिन पहले तक यहां एलएफटी टेस्ट हो रहा था, वह भी सोमवार को नहीं हो पाया।
अब इस लैब में मात्र मधुमेह की जांच की जा रही है। इसके अलावा अन्य कोई टेस्ट नहीं किया जा रहा है। तीमारदार जब अपने बीमार मरीज के खून का नमूना लेकर जांच के लिए सेंटर लैब में जाते हैं तो वहां मौजूद कर्मचारी उन्हें सामान खत्म होने का हवाला देेकर उन्हें लौटा देते हैं। इसको लेकर कई तीमारदार कर्मचारियों से बहसबाजी भी कर रहे हैं।
इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है। दूषित पानी पीने से कई बच्चे और अन्य लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की जांच भी अब लैब में बंद हो गई है। लैब में रखी मशीनें मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जहां उनसे टेस्ट के मनमाने पैसे वसूल किए जा रहे हैं। हालांकि अस्पताल की दूसरी लैब में मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। लेकिन वहां पर सैंपल लेने का समय दोपहर एक बजे तक ही है। सेंटर लैब में मरीजों के 24 घंटे टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सामान खत्म होने से मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।
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कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि सेंटर लैब में खत्म हुए सामान को कंपनी से मंगवाया जा रहा है। जल्द लैब में मरीजों के टेस्ट शुरू हो जाएंगे।
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अब इस लैब में मात्र मधुमेह की जांच की जा रही है। इसके अलावा अन्य कोई टेस्ट नहीं किया जा रहा है। तीमारदार जब अपने बीमार मरीज के खून का नमूना लेकर जांच के लिए सेंटर लैब में जाते हैं तो वहां मौजूद कर्मचारी उन्हें सामान खत्म होने का हवाला देेकर उन्हें लौटा देते हैं। इसको लेकर कई तीमारदार कर्मचारियों से बहसबाजी भी कर रहे हैं।
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इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है। दूषित पानी पीने से कई बच्चे और अन्य लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की जांच भी अब लैब में बंद हो गई है। लैब में रखी मशीनें मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जहां उनसे टेस्ट के मनमाने पैसे वसूल किए जा रहे हैं। हालांकि अस्पताल की दूसरी लैब में मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। लेकिन वहां पर सैंपल लेने का समय दोपहर एक बजे तक ही है। सेंटर लैब में मरीजों के 24 घंटे टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सामान खत्म होने से मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।
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कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि सेंटर लैब में खत्म हुए सामान को कंपनी से मंगवाया जा रहा है। जल्द लैब में मरीजों के टेस्ट शुरू हो जाएंगे।