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कैसे भेजें दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट, नहीं मिल रही इंटरनेट व दूरसंचार की सुविधा
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चंबा। देश में एक तरफ जहां लोग 4जी इंटरनेट सुविधा का लाभ उठा रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर आकांक्षी जिले की सूची में शुमार चंबा जिले के पांगी में इंटरनेट सुविधा और दूरसंचार सेवाएं न के बराबर हैं। हालात यह हैं कि शिक्षा विभाग के कार्यालय में क्षेत्र के कई स्कूल प्रबंधक कोई सूचना तक नहीं दे पा रहे हैं। विभाग के करीब 15 स्कूल ऐसे हैं, जहां इंटरनेट और दूरसंचार सुविधा नहीं है।
कुछ स्कूलों में कॉल करने के योग्य सिग्नल रहता है जबकि, अन्य दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड पांगी के तहत आठ सीनियर सेकेंडरी और सात हाई स्कूल आते हैं लेकिन, यहां से दैनिक उपस्थिति की रिपोर्ट विभाग के कार्यालय नहीं पहुंच पा रही है। लिहाजा, विभाग भी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति से वाकिफ है। एक तरफ सरकार डिजिटल युग की बात कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ जनजातीय क्षेत्र पांगी में कॉल करने के योग्य मोबाइल सिग्नल तक नहीं है। जबकि, इंटरनेट सुविधा भी नाममात्र है। कुल मिलाकर जनजातीय क्षेत्र पांगी में उपलब्ध कंप्यूटर बिना इंटरनेट के शोपीस बने हुए हैं।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के तहत सीनियर सेकेंडरी स्कूल हिलौर, किलाड़, पूर्थी, रेई, सेंचूनाला, धरवास, करयूणी और साच है। जबकि, हाई स्कूलों की सूची में करयास, शौर, फिंडरू, कुमार परमार, साहली, सुराल और टुंडरू शामिल हैं।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट जिले के पांगी ब्लॉक से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कहा कि यहां इंटरनेट और दूरभाष सेवाएं बेहतर नहीं हैं। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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कुछ स्कूलों में कॉल करने के योग्य सिग्नल रहता है जबकि, अन्य दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड पांगी के तहत आठ सीनियर सेकेंडरी और सात हाई स्कूल आते हैं लेकिन, यहां से दैनिक उपस्थिति की रिपोर्ट विभाग के कार्यालय नहीं पहुंच पा रही है। लिहाजा, विभाग भी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति से वाकिफ है। एक तरफ सरकार डिजिटल युग की बात कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ जनजातीय क्षेत्र पांगी में कॉल करने के योग्य मोबाइल सिग्नल तक नहीं है। जबकि, इंटरनेट सुविधा भी नाममात्र है। कुल मिलाकर जनजातीय क्षेत्र पांगी में उपलब्ध कंप्यूटर बिना इंटरनेट के शोपीस बने हुए हैं।
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जनजातीय क्षेत्र पांगी के तहत सीनियर सेकेंडरी स्कूल हिलौर, किलाड़, पूर्थी, रेई, सेंचूनाला, धरवास, करयूणी और साच है। जबकि, हाई स्कूलों की सूची में करयास, शौर, फिंडरू, कुमार परमार, साहली, सुराल और टुंडरू शामिल हैं।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट जिले के पांगी ब्लॉक से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कहा कि यहां इंटरनेट और दूरभाष सेवाएं बेहतर नहीं हैं। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।