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Chamba News: छत न रोशनी की व्यवस्था, रात को मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ रही बसों की मरम्मत
Sat, 02 Mar 2024 07:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 02 Mar 2024 07:01 PM IST
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छत न रोशनी की व्यवस्था, रात को मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ रही बसों की मरम्मत
एचआरटीसी वर्कशाप चंबा का हाल, कुछ दिन पहले गिर चुकी है छत, घायल हुआ था एक कर्मचारी
हर बार समस्या के समाधान का दावा करता है निगम प्रबंधन, लेकिन हकीकत में होता कुछ भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। न सिर पर छत और न ही रोशनी की व्यवस्था... रात के अंधेरे में बस की मरम्मत करनी हो तो मोबाइल फोन की लाइट जलानी पड़ती है। इसके लिए तार लगाकर बल्ब लगाने की व्यवस्था नहीं की गई है। एचआरटीसी की चंबा स्थित कर्मशाला के कुछ ऐसे ही हालात हैं। वर्कशाप की छत बीते दिनों गिर चुकी है। इससे एक कर्मचारी घायल भी हुआ था, लेकिन निगम प्रबंधन फिर कर्मचारियों की इस समस्या को नजरअंदाज करता प्रतीत हो रहा है। बस डिपो की हालत बदतर है। रोजाना कहीं न कहीं चंबा डिपो की बसें खराब होकर खड़ी हो रही हैं। इन बसों की मरम्मत भी कर्मचारियों को खुले आसमान के नीचे ही करनी पड़ती है। निगम प्रबंधन समस्या के समाधान को लेकर बार-बार दावा तो करता है, लेकिन हकीकत में होता कुछ नहीं। चंबा डिपो में शुक्रवार देर रात को भी भारी बारिश के बीच खुले आसमान तले मेकेनिक बसों की मरम्मत करते देखे गए। बिना छत वाली वर्कशाप में बारिश के बीच बसों की मरम्मत करते समय करंट लगने का भी खतरा रहता है। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधन शुगल सिंह ने कहा कि दो से तीन बसों की मरम्मत के लिए छत बनाई है। वर्कशॉक की छत की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारी को अवगत किया जा चुका है।
राज्य कार्यकारिणी तकनीकी संगठन के उपाध्यक्ष विवेक ने कहा कि वर्कशॉप की खस्ताहालत के बारे में कई बार सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवाया है, लेकिन समस्या जस की तस है। बारिश में भी खुले आसमान के नीचे बसों की मरम्मत करनी पड़ रही है।
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एचआरटीसी वर्कशाप चंबा का हाल, कुछ दिन पहले गिर चुकी है छत, घायल हुआ था एक कर्मचारी
हर बार समस्या के समाधान का दावा करता है निगम प्रबंधन, लेकिन हकीकत में होता कुछ भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। न सिर पर छत और न ही रोशनी की व्यवस्था... रात के अंधेरे में बस की मरम्मत करनी हो तो मोबाइल फोन की लाइट जलानी पड़ती है। इसके लिए तार लगाकर बल्ब लगाने की व्यवस्था नहीं की गई है। एचआरटीसी की चंबा स्थित कर्मशाला के कुछ ऐसे ही हालात हैं। वर्कशाप की छत बीते दिनों गिर चुकी है। इससे एक कर्मचारी घायल भी हुआ था, लेकिन निगम प्रबंधन फिर कर्मचारियों की इस समस्या को नजरअंदाज करता प्रतीत हो रहा है। बस डिपो की हालत बदतर है। रोजाना कहीं न कहीं चंबा डिपो की बसें खराब होकर खड़ी हो रही हैं। इन बसों की मरम्मत भी कर्मचारियों को खुले आसमान के नीचे ही करनी पड़ती है। निगम प्रबंधन समस्या के समाधान को लेकर बार-बार दावा तो करता है, लेकिन हकीकत में होता कुछ नहीं। चंबा डिपो में शुक्रवार देर रात को भी भारी बारिश के बीच खुले आसमान तले मेकेनिक बसों की मरम्मत करते देखे गए। बिना छत वाली वर्कशाप में बारिश के बीच बसों की मरम्मत करते समय करंट लगने का भी खतरा रहता है। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधन शुगल सिंह ने कहा कि दो से तीन बसों की मरम्मत के लिए छत बनाई है। वर्कशॉक की छत की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारी को अवगत किया जा चुका है।
राज्य कार्यकारिणी तकनीकी संगठन के उपाध्यक्ष विवेक ने कहा कि वर्कशॉप की खस्ताहालत के बारे में कई बार सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवाया है, लेकिन समस्या जस की तस है। बारिश में भी खुले आसमान के नीचे बसों की मरम्मत करनी पड़ रही है।
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