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पुखरी पंचायत का उघराल गांव आज तक कोरोना मुक्त
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बनीखेत (चंबा)। कोरोना महामारी से जहां जिले का कोई गांव अछूता नहीं रहा है, वहीं ग्राम पंचायत पुखरी का उघराल गांव अभी तक कोरोना मुक्त है। गांव के लोग सरकार और प्रशासन के आदेशों की पूरी तरह पालना कर रहे हैं। घर से बाहर निकलते समय मास्क और दो गज दूरी नियम की पूरी तरह से पालना की जा रही हैं। बाहर से जब ग्रामीण अपने घर लौटते हैं तो परिवार से मिलने से पहले वे साबुन से अपने हाथ धोते हैं ताकि कोरोना संक्रमण उनके घर तक न पहुंचे। इस गांव में 78 परिवार रहते हैं जो कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी सावधानी बरत रहे हैं।
गांव में चार माह पहले बाहर से किराये पर रहने वाला एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित निकला था, जिसका गांव के अन्य लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं था। संक्रमित होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जबकि गांव का कोई भी स्थानीय निवासी अभी तक कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है। गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अंजान लोगों को गांव के भीतर आने की अनुमति नहीं दी जाती है।
यही नहीं, पंचायत प्रतिनिधि भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अहम भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों की हरेक जरूरत को पूरा करने के लिए पंचायत प्रतिनिधि प्रयासरत रहते हैं। पंचायत प्रधान बीना देवी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से जिले में कई मौतें हुई हैं। वहीं, उनकी पंचायत का उघराल गांव अभी तक कोरोना से अछूता है। ग्रामीणों को जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, गांव के लोग उसकी पूरी तरह पालना करते हैं।
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कोरोना कर्फ्यू और लॉकडाउन के दौरान भी ग्रामीण अपने घरों में बैठे रहे। बिना वजह घरों से बाहर घूमने के लिए ग्रामीणों ने कोई लापरवाही नहीं दिखाई। यही वजह है कि यह गांव कोरोना से अछूता है। एसडीएम डलहौजी जगन ठाकुर ने कहा कि पुखरी पंचायत के उघराल के ग्रामीणों की सूझबूझ से गांव में कोरोना संक्रमण संबंधी कोई मामला सामने नहीं आया है। कहा कि इसका श्रेय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को जाता है।
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गांव में चार माह पहले बाहर से किराये पर रहने वाला एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित निकला था, जिसका गांव के अन्य लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं था। संक्रमित होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जबकि गांव का कोई भी स्थानीय निवासी अभी तक कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है। गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अंजान लोगों को गांव के भीतर आने की अनुमति नहीं दी जाती है।
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यही नहीं, पंचायत प्रतिनिधि भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अहम भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों की हरेक जरूरत को पूरा करने के लिए पंचायत प्रतिनिधि प्रयासरत रहते हैं। पंचायत प्रधान बीना देवी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से जिले में कई मौतें हुई हैं। वहीं, उनकी पंचायत का उघराल गांव अभी तक कोरोना से अछूता है। ग्रामीणों को जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, गांव के लोग उसकी पूरी तरह पालना करते हैं।
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कोरोना कर्फ्यू और लॉकडाउन के दौरान भी ग्रामीण अपने घरों में बैठे रहे। बिना वजह घरों से बाहर घूमने के लिए ग्रामीणों ने कोई लापरवाही नहीं दिखाई। यही वजह है कि यह गांव कोरोना से अछूता है। एसडीएम डलहौजी जगन ठाकुर ने कहा कि पुखरी पंचायत के उघराल के ग्रामीणों की सूझबूझ से गांव में कोरोना संक्रमण संबंधी कोई मामला सामने नहीं आया है। कहा कि इसका श्रेय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को जाता है।