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बादल फटने के दूसरे दिन भी दहशत में गुजारी रात

Tue, 09 Aug 2022 10:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 10:48 PM IST
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Night spent in panic even on the second day of cloudburst
तरवाई के पास के बंद पड़े चंबा-तीसा मार्ग को बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन।संवाद - फोटो : Chamba
सलूणी (चंबा)। सरोग और कंधवारा में बादल फटने सहित डांड और किहार में भयावह तबाही के बाद मंगलवार को जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई। सोमवार की रात ग्रामीणों में सहम कर गुजारी। गांवों के चारों तरफ टनों के हिसाब से मलबा और चट्टानें बिखरी पड़ी हैं। मंगलवार दोपहर बाद 3:00 बजे एक बार फिर से शुरू हुई भारी बारिश के क्रम ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया।
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रविवार आधी रात हुई भारी बारिश के बाद नदी-नालों के बढ़े जलस्तर के साथ मलबा लोगों के घरों में घुस गया। डांड और किहार पंचायतों के बीच डांड, भड़ोगा, कलसरा, कंघेल, टलोगा, रजिंडू, कंडु, चांदल, चकोली गांवों में भारी तबाही हुई है। ग्रामीण उत्तराखंड से भी अधिक क्षेत्र में नुकसान होने की बात कह रहे हैं। क्षेत्र में तबाही के दूसरे दिन भी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है।
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भड़ोगा निवासी दुनी चंद पुत्र भर्तू राम निवासी डांड का दो मंजिला मकान एक तरफ से क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रभावित के परिवार को मजबूरन ग्रामीणों की गोशालाओं में शरण लेनी पड़ी है। प्रभावित परिवार एक कमरे से ही ग्रामीणों की मदद से सामान निकाल पाए जबकि शेष कमरों में रखा सामान मकान क्षतिग्रस्त होने से तबाह हो गया है। भाजपा मार्केटिंग कमेटी के चेयरमैन डीएस ठाकुर और प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार ने प्रभावित परिवार को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। प्रभावितों राजू, संजीव कुमार, तिलकराज, मनोज कुमार, कुलदीप कुमार, नरेश कुमार, नैना देवी आदि ने बताया कि कई लोगों के मकानों, दुकानों समेत उपजाऊ भूमि पानी के तेज प्रवाह में बह गई है जिससे ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावितों को हरसंभव सहायता देने की मांग की है।
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तबाही के मंजर के बाद किसानों को खेतों में उगाए गए आलू और फ्रासबीन सहित अन्य सब्जियों के सड़ने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से संपर्क मार्ग मेडा से डांड को बहाल करवाकर उन्हें राहत देने की मांग की है।

एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि भारी बारिश के बाद हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है। प्रशासन हरेक प्रभावित को फौरी राहत पहुंचाने के लिए सभी विभागों सहित घर-घर पहुंच रहा है।
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