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Chamba News: तारकोल की जगह मिट्टी से भरे जा रहे एनएच के गड्ढे
Tue, 30 Jun 2026 11:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:10 PM IST
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चंबा। बरसात से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की मरम्मत को लेकर एनएच प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। जुलाहकड़ी से हरदासपुरा तक सड़क के गड्ढों को तारकोल से भरने के बजाय नालियों से निकाली गई मिट्टी से भरा जा रहा है।
इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मंगलवार को एनएच के कर्मचारी सुबह से दोपहर तक सड़क के किनारे नालियों की सफाई के दौरान निकली मिट्टी को गड्ढों में भरते नजर आए। जिसे देखने वाला हरेक शख्स सवाल उठा रहा था।
अब यह मिट्टी वाहनों की आवाजाही होने पर हवा के साथ उड़कर लोगों की आंखों में जाएगी। या फिर बारिश में कीचड़ बनकर लोगों की दिक्कतें बढ़ाएगी।
साथ ही गड्ढों में बारिश का पानी भरने से पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। इसलिए लोग गड्ढों पर तारकोल डालने की मांग कर रहे हैं।
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बरसात में जुलाहकड़ी और हरदासपुरा में सड़क पानी के तालाब में बदल जाती है। इसलिए गड्ढों को तारकोल डालकर भरना चाहिए। खानापूर्ति से समस्या का समाधान नहीं होगा। -अनवर स्थानीय निवासी
नाली से निकाली मिट्टी को डंपिंग साइट पर फेंकना चाहिए था लेकिन उसका इस्तेमाल एनएच के गड्ढे भरने के लिए करना सही नहीं है। -दिनेश ठाकुर स्थानीय निवासी
मिट्टी डालकर जो गड्ढे भरे गए हैं, वह एक बारिश में फिर से पहले की तरह हो जाएंगे। उसमें डाली मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह जाएगी। -रिशू स्थानीय निवासी
प्रशासन को बरसात से पहले इस प्रकार के खानापूर्ति वाले कार्याें की जांच करनी चाहिए, जिससे आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। डिंपल स्थानीय निवासी
मामला ध्यान में है। एनएच पर गड्ढों पर शीघ्र तारकोल डालने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को मानसून के सक्रिय होने पर परेशानी न हो। -जोगिंद्र शर्मा, कार्यकारी अधिशासी अभियंता, एनएच
प्राधिकरण
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इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मंगलवार को एनएच के कर्मचारी सुबह से दोपहर तक सड़क के किनारे नालियों की सफाई के दौरान निकली मिट्टी को गड्ढों में भरते नजर आए। जिसे देखने वाला हरेक शख्स सवाल उठा रहा था।
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अब यह मिट्टी वाहनों की आवाजाही होने पर हवा के साथ उड़कर लोगों की आंखों में जाएगी। या फिर बारिश में कीचड़ बनकर लोगों की दिक्कतें बढ़ाएगी।
साथ ही गड्ढों में बारिश का पानी भरने से पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। इसलिए लोग गड्ढों पर तारकोल डालने की मांग कर रहे हैं।
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बरसात में जुलाहकड़ी और हरदासपुरा में सड़क पानी के तालाब में बदल जाती है। इसलिए गड्ढों को तारकोल डालकर भरना चाहिए। खानापूर्ति से समस्या का समाधान नहीं होगा। -अनवर स्थानीय निवासी
नाली से निकाली मिट्टी को डंपिंग साइट पर फेंकना चाहिए था लेकिन उसका इस्तेमाल एनएच के गड्ढे भरने के लिए करना सही नहीं है। -दिनेश ठाकुर स्थानीय निवासी
मिट्टी डालकर जो गड्ढे भरे गए हैं, वह एक बारिश में फिर से पहले की तरह हो जाएंगे। उसमें डाली मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह जाएगी। -रिशू स्थानीय निवासी
प्रशासन को बरसात से पहले इस प्रकार के खानापूर्ति वाले कार्याें की जांच करनी चाहिए, जिससे आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। डिंपल स्थानीय निवासी
मामला ध्यान में है। एनएच पर गड्ढों पर शीघ्र तारकोल डालने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को मानसून के सक्रिय होने पर परेशानी न हो। -जोगिंद्र शर्मा, कार्यकारी अधिशासी अभियंता, एनएच
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