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एनएच पर सात घंटे थमी रही वाहनों की रफ्तार
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चंबा। भरमौर-पठानकोट एनएच पर सात घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। मंगलवार देर रात आठ बजे मैहला पुल के पास पहाड़ी से मलबे और पत्थरों के गिरने से एनएच बंद हो गया। ऐसे में चंबा से भरमौर और भरमौर से चंबा का रुख करने वाले यात्रियों को आधी रात गाड़ियों में ही गुजारनी पड़ी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी ने दोनों ओर से मलबे और पत्थरों को हटा कर सुबह तीन बजे एनएच को बहाल किया। एनएच बहाल होने के बाद लोगों ने चैन की सांस ली और अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।
गौरतलब है कि मैहला पुल के पास प्रशासनिक अनुमति के बाद ठेकेदार ने ब्लास्टिंग कर पहाड़ी को काटने का कार्य आरंभ किया है। ऐसे में अब पहाड़ी दरकने से कभी भी मलबा और पत्थर गिरते रहते हैं। मंगलवार देर रात पहाड़ी से टनों के हिसाब से मलबा और पत्थर एनएच पर गिए गए। देखते ही देखते एनएच यातायात के लिए बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
यात्रियों चैन लाल, प्रकाश चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार और प्रमोद कुमार ने बताया कि वे भरमौर से चंबा की ओर बस में आ रहे थे लेकिन, मैहला में एनएच बंद होने से उन्हें आधी रात तक एनएच के बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। ठंड से बचने के लिए भी उनके पास पूरे इंतजाम नहीं थे। नतीजतन, आधी रात उन्होंने ठिठुरते हुए गुजारी। मंगलवार सुबह तीन बजे एनएच बहाल हो सका।
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एनएच मंडल चंबा के सहायक अभियंता विपुल पुंज ने एनएच बंद होने की पुष्टि की है। कहा कि शाम सात बजे मलबा गिरने से एनएच बंद हुआ, जिसे आठ बजे बहाल करवाया। उसके बाद आठ बजे फिर से भारी भरकम मलबा और चट्टानें एनएच पर आ गिरीं। बहरहाल, सुबह तीन बजे एनएच को यातायात के लिए बहाल करवाया जा सका।
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गौरतलब है कि मैहला पुल के पास प्रशासनिक अनुमति के बाद ठेकेदार ने ब्लास्टिंग कर पहाड़ी को काटने का कार्य आरंभ किया है। ऐसे में अब पहाड़ी दरकने से कभी भी मलबा और पत्थर गिरते रहते हैं। मंगलवार देर रात पहाड़ी से टनों के हिसाब से मलबा और पत्थर एनएच पर गिए गए। देखते ही देखते एनएच यातायात के लिए बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
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यात्रियों चैन लाल, प्रकाश चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार और प्रमोद कुमार ने बताया कि वे भरमौर से चंबा की ओर बस में आ रहे थे लेकिन, मैहला में एनएच बंद होने से उन्हें आधी रात तक एनएच के बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। ठंड से बचने के लिए भी उनके पास पूरे इंतजाम नहीं थे। नतीजतन, आधी रात उन्होंने ठिठुरते हुए गुजारी। मंगलवार सुबह तीन बजे एनएच बहाल हो सका।
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एनएच मंडल चंबा के सहायक अभियंता विपुल पुंज ने एनएच बंद होने की पुष्टि की है। कहा कि शाम सात बजे मलबा गिरने से एनएच बंद हुआ, जिसे आठ बजे बहाल करवाया। उसके बाद आठ बजे फिर से भारी भरकम मलबा और चट्टानें एनएच पर आ गिरीं। बहरहाल, सुबह तीन बजे एनएच को यातायात के लिए बहाल करवाया जा सका।