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मेडिकल कॉलेज में होंगे एमआरआई, सीटी स्कैन
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को जल्द एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। कॉलेज प्रबंधन ने बीस करोड़ रुपये खर्च कर विदेशों से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों के ऑर्डर कर दिए हैं। मशीनों को स्थापित करने का जिम्मा फिलिप्स कंपनी को दिया गया है।
यह कंपनी विदेश से आधुनिक एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों को लाकर चंबा मेडिकल कॉलेज में स्थापित करेगी। उम्मीद है कि सितंबर तक कंपनी दोनों मशीनों को चालू भी कर देगी। उसके बाद चंबा जिले के मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए टांडा या शिमला नहीं जाना पड़ेगा। मौजूदा समय में जिले के मरीजों को एमआरआई के लिए पठानकोट या शिमला की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्योंकि, टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह मशीन खराब पड़ी है। इन दोनों मशीनों के स्थापित होने से जिले की पौने छह लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों को स्थापित करने का कार्य दो सालों से लटका था। जब भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन टेंडर बुलाता तो उसमें टेंडर के मुताबिक कंपनियां आगे नहीं आ रही थीं। इसकी वजह से हर बार टेंडर रद्द करना पड़ता था लेकिन, इस बार मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रदेश सरकार के समक्ष एक कंपनी को सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने की जिम्मेदारी देने का सुझाव रखा, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए तुरंत कंपनी को चंबा में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित करने के आदेश जारी किए।
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सितंबर में दोनों मशीनें चंबा पहुंच जाएंगी और इसी माह मरीजों के टेस्ट होने भी शुरू हो जाएंगे। सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए अब चंबा जिले के मरीजों को मनमाने दाम नहीं चुकाने होंगे। सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तय दामों पर मरीजों के टेस्ट करेगा।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि बीस करोड़ की लागत से एमआरआई की मशीन नीदरलैंड जबकि, सीटी स्कैन की मशीन भी विदेश से मंगवाई गई है। इसके लिए कंपनी को सितंबर माह का समय दिया गया है। इसी माह मरीजों के एमआरआई और सीटी स्कैन शुरू हो जाएंगे।
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यह कंपनी विदेश से आधुनिक एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों को लाकर चंबा मेडिकल कॉलेज में स्थापित करेगी। उम्मीद है कि सितंबर तक कंपनी दोनों मशीनों को चालू भी कर देगी। उसके बाद चंबा जिले के मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए टांडा या शिमला नहीं जाना पड़ेगा। मौजूदा समय में जिले के मरीजों को एमआरआई के लिए पठानकोट या शिमला की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्योंकि, टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह मशीन खराब पड़ी है। इन दोनों मशीनों के स्थापित होने से जिले की पौने छह लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
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गौरतलब है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों को स्थापित करने का कार्य दो सालों से लटका था। जब भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन टेंडर बुलाता तो उसमें टेंडर के मुताबिक कंपनियां आगे नहीं आ रही थीं। इसकी वजह से हर बार टेंडर रद्द करना पड़ता था लेकिन, इस बार मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रदेश सरकार के समक्ष एक कंपनी को सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने की जिम्मेदारी देने का सुझाव रखा, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए तुरंत कंपनी को चंबा में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित करने के आदेश जारी किए।
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सितंबर में दोनों मशीनें चंबा पहुंच जाएंगी और इसी माह मरीजों के टेस्ट होने भी शुरू हो जाएंगे। सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए अब चंबा जिले के मरीजों को मनमाने दाम नहीं चुकाने होंगे। सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तय दामों पर मरीजों के टेस्ट करेगा।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि बीस करोड़ की लागत से एमआरआई की मशीन नीदरलैंड जबकि, सीटी स्कैन की मशीन भी विदेश से मंगवाई गई है। इसके लिए कंपनी को सितंबर माह का समय दिया गया है। इसी माह मरीजों के एमआरआई और सीटी स्कैन शुरू हो जाएंगे।