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Chamba News: टांकरी लिपि के पुनर्जीवन के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर
Mon, 06 Apr 2026 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:51 PM IST
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पारंपरिक ज्ञान, क्षेत्रीय बोलियों और स्वदेशी विरासत के संरक्षण के लिए संयुक्त पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विरासत के संरक्षण की दिशा में राजकीय महाविद्यालय सलूणी ने हिम संस्कृति शोध संस्थान ग्राम देहुरी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य विलुप्त प्राय टांकरी लिपि, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और क्षेत्रीय बोलियों के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रसार को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान मिलकर इस दिशा में शैक्षणिक, शोध और जन-जागरूकता से जुड़ीं गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
साझेदारी के तहत कार्यशालाओं, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों, सेमिनारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिससे छात्र और शोधार्थी टांकरी लिपि को सीख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। साथ ही क्षेत्रीय सर्वेक्षण, प्राचीन पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण, पारंपरिक अभिलेखों का डिजिटलीकरण और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस पहल की पहुंच राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सुनिश्चित की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विरासत के संरक्षण की दिशा में राजकीय महाविद्यालय सलूणी ने हिम संस्कृति शोध संस्थान ग्राम देहुरी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य विलुप्त प्राय टांकरी लिपि, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और क्षेत्रीय बोलियों के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रसार को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान मिलकर इस दिशा में शैक्षणिक, शोध और जन-जागरूकता से जुड़ीं गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
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साझेदारी के तहत कार्यशालाओं, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों, सेमिनारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिससे छात्र और शोधार्थी टांकरी लिपि को सीख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। साथ ही क्षेत्रीय सर्वेक्षण, प्राचीन पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण, पारंपरिक अभिलेखों का डिजिटलीकरण और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस पहल की पहुंच राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सुनिश्चित की जाएगी।
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