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Chamba News: नहीं बन रहे मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड कॉपी में रखा जा रहा टीकाकरण का हिसाब
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चंबा। जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवतियों के एमसीपी (मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं, बल्कि कॉपियों में महिलाएं अपने टीकाकरण का हिसाब- किताब रख रही हैं। एमसीपी कार्ड में गर्भवती के प्रसव से पहले और बाद का पूरा ब्योरा जमा रहता है। इसमें नवजात के टीकाकरण की भी पूरी जानकारी दी होती है। बच्चे को कौन से महीने में टीका लगेगा। उसका पूरा ब्योरा कार्ड में दिया होता है, लेकिन मौजूदा समय में महिलाएं काॅपियों में इसका हिसाब रख रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही गर्भवतियों और नवजात बच्चों पर भारी पड़ सकती है। क्योंकि टीकाकरण की सही जानकारी न होने के कारण बच्चे और महिलाएं इससे वंचित भी रह सकते हैं। एक तरफ जहां सरकार और स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ाने की बातें कर रहे हैं। दूसरी तरफ संस्थागत प्रसव के पंजीकरण के लिए सबसे जरूरी मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड को ही गर्भवतियों को नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि जिला चंबा पिछले दो साल से संस्थागत प्रसव करवाने में प्रदेश भर में फिसड्डी रहा है। बावजूद इसके विभाग उचित कदम नहीं उठा रहा है। केंद्र में जब भी महिलाएं अपने टीकाकरण के लिए पहुंचती हैं तो उनके हाथों में एमसीपी कार्ड नहीं बल्कि स्कूली बच्चों की कॉपी होती है। जिसमें उनके टीकाकरण का लेखा जोखा लिखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के पास एमसीपी कार्ड खत्म हुए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इन कार्डों को उपलब्ध करवाने में विभाग ने कोई सतर्कता नहीं दिखाई है।
एमसीपी कार्ड खत्म हो चुके हैं। इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसकी सप्लाई चंबा पहुंच सकती है। महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। -डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही गर्भवतियों और नवजात बच्चों पर भारी पड़ सकती है। क्योंकि टीकाकरण की सही जानकारी न होने के कारण बच्चे और महिलाएं इससे वंचित भी रह सकते हैं। एक तरफ जहां सरकार और स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ाने की बातें कर रहे हैं। दूसरी तरफ संस्थागत प्रसव के पंजीकरण के लिए सबसे जरूरी मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड को ही गर्भवतियों को नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि जिला चंबा पिछले दो साल से संस्थागत प्रसव करवाने में प्रदेश भर में फिसड्डी रहा है। बावजूद इसके विभाग उचित कदम नहीं उठा रहा है। केंद्र में जब भी महिलाएं अपने टीकाकरण के लिए पहुंचती हैं तो उनके हाथों में एमसीपी कार्ड नहीं बल्कि स्कूली बच्चों की कॉपी होती है। जिसमें उनके टीकाकरण का लेखा जोखा लिखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के पास एमसीपी कार्ड खत्म हुए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इन कार्डों को उपलब्ध करवाने में विभाग ने कोई सतर्कता नहीं दिखाई है।
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एमसीपी कार्ड खत्म हो चुके हैं। इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसकी सप्लाई चंबा पहुंच सकती है। महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। -डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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